भाजपा कच्चातिवु द्वीप पर केवल राजनीति करती है : स्टालिन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 16 Jul 2025 08:53 PM
भाजपा कच्चातिवु द्वीप पर केवल राजनीति करती है : स्टालिन
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मयिलादुथुराई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को राज्य के मछुआरों की जरा भी चिंता नहीं है और वह केवल इस बात पर राजनीति करती है कि कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को किसने सौंपा.

स्टालिन ने यहां एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार मछुआरों के पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों को स्थापित करने और उनके हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वह प्रधानमंत्री से मिलते हैं, तो वह तमिलनाडु के मछुआरों की समस्याओं का स्थायी समाधान खोजने के लिए श्रीलंका से कच्चातिवु द्वीप को वापस लेने की मांग करते हैं.

स्टालिन ने याद दिलाया कि दो अप्रैल, 2025 को राज्य विधानसभा में कच्चातिवु को वापस लाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया था. राज्य सरकार केंद्र पर श्रीलंकाई जेलों में बंद भारतीय मछुआरों की रिहाई और उनकी जब्त की गई नौकाओं को वापस लाने के लिए दबाव बना रही है.

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष स्टालिन ने आरोप लगाया, ”भाजपा नीत केंद्र सरकार को तमिलों या तमिलनाडु के मछुआरों की जरा भी परवाह नहीं है और वे (भाजपा) केवल इस बात पर राजनीति कर रहे हैं कि कच्चातिवु (श्रीलंका को) किसने सौंपा.” भाजपा और राज्य में उसकी सहयोगी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक)दोनों ही कच्चातिवू को सौंपे जाने के लिए द्रमुक और कांग्रेस को दोषी ठहराते हैं.

स्टालिन ने कहा, ”किसी अन्य देश के साथ समझौता करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है. पिछले 10 वर्षों से भाजपा केंद्र में सत्ता में है. अब तक कच्चातिवु को वापस पाने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं? क्या उन्होंने कम से कम यह सुनिश्चित किया है कि तमिलनाडु के मछुआरों को श्रीलंका द्वारा गिरफ्तार न किया जाए? नहीं, उन्होंने ऐसा नहीं किया है.” श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु के मछुआरे कच्चातिवु में अतिक्रमण करते हैं. उन्होंने कहा कि श्रीलंका का कच्चातिवु द्वीप वापस करने का कोई इरादा नहीं है. स्टालिन ने सवाला किया, ”विदेश मंत्री एस जयशंकर का जवाब क्या है? आपको इस पर विचार करना चाहिए, अब तक कोई जवाब नहीं आया है.”

पलानीस्वामी ने परिवार को बचाने के लिए अन्नाद्रमुक को अमित शाह के पास गिरवी रख दिया: स्टालिन

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने विपक्ष के नेता ई के पलानीस्वामी पर बुधवार को आरोप लगाया कि उन्होंने अपने स्वार्थ के कारण एवं अपने परिवार के सदस्यों को छापेमारी से बचाने के लिए ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमित शाह के पास गिरवी रख दिया.

स्टालिन ने यहां एक सरकारी समारोह को संबोधित करते हुए 15 जुलाई को शुरू किए गए संपर्क कार्यक्रम ‘उंगलुदन स्टालिन’ (स्टालिन आपके साथ) और उसके उद्देश्य का जिक्र किया. इस कार्यक्रम की एक खास बात यह है कि पात्र महिलाएं ‘कलैगनार मगलिर उरीमाई थोगाई थिट्टम’ (कलैगनार महिला अधिकार अनुदान योजना) के लिए आवेदन कर सकती हैं, जिसके तहत उन्हें 1,000 रुपये मासिक सहायता दी जाती है.

स्टालिन ने सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने और उनके आस-पड़ोस में विशेष शिविर लगाकर उनकी शिकायतों का निवारण करने के लिए ‘उंगलुदन स्टालिन’ कार्यक्रम शुरू किया. उन्होंने कहा कि अब तक 1.14 करोड़ महिलाओं को 1,000 रुपये मासिक सहायता प्रदान की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें कहा गया है कि कुछ पात्र व्यक्तियों को सहायता नहीं मिली है और ”मैं इस बात पर दृढ़ हूं कि पात्र लोगों को वंचित नहीं रखा जाना चाहिए.” स्टालिन ने दावा किया कि हालांकि अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी इस योजना से घबराए हुए हैं.

उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी अपनी पार्टी से जुड़े परिवारों से इस योजना के कार्यान्वयन के बारे में पूछताछ कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ”स्टालिन सरकार तमिलनाडु के लोगों को अपना परिवार मानती है; पार्टी के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता. हजार रुपये की सहायता सहित सभी सरकारी योजनाएं अन्नाद्रमुक परिवारों की महिलाओं तक भी पहुंचती हैं. क्या इससे इनकार किया जा सकता है?” महिलाओं के लिए नि:शुल्क बस यात्रा योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे महिलाओं को हर महीने 800 रुपये से अधिक की बचत हुई है इसलिए 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता एवं मुफ्त यात्रा योजना मिलकर महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक आजादी का आधार बनी है.

द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन ने कहा कि वह अपनी सरकार की ऐसी कई योजनाओं को गिना सकते हैं लेकिन ”क्या अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी अपनी उपलब्धियां गिना सकते हैं? …पलानीस्वामी जनता को ही दोषी ठहराते हैं और कहते हैं कि 1,000 रुपये की योजना से जनता धोखे में आ गई.” उन्होंने कहा, ”जनता धोखे में नहीं आई. आप ही भाजपा पर विश्वास करके धोखा खा गए हैं. आपने अपने स्वार्थ के लिए और अपने परिवार के सदस्यों को छापेमारी से बचाने के लिए अन्नाद्रमुक को ही अमित शाह के पास गिरवी रख दिया है.” स्टालिन ने यह विस्तार से नहीं बताया कि ”छापे” से उनका क्या मतलब था और न ही उन्होंने किसी विशिष्ट सरकारी एजेंसी का नाम लिया.

द्रमुक प्रमुख ने दावा किया कि अन्नाद्रमुक नेताओं और खुद पलानीस्वामी ने कहा था कि 2021 के विधानसभा चुनाव में उनकी हार भाजपा के साथ उनके गठबंधन के कारण हुई. उन्होंने कहा, ”आपने (पलानीस्वामी) उसी पार्टी के साथ गठबंधन किया है, क्या यह परिवार के प्रति प्रेम है?”

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