
होशियारपुर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं सांसद वरुण गांधी के कांग्रेस में शामिल हो सकने की अटकलों के बीच राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि उनके चचेरे भाई और कांग्रेस की विचारधाराओं में बहुत अंतर है. उन्होंने साथ ही घोषणा की कि यदि कोई उनका ‘‘गला भी काट दे’’, तो भी वह ‘‘आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के कार्यालय नहीं’’ जाएंगे.
राहुल गांधी ने कई मामलों को लेकर भाजपा की अकसर आलोचना करने वाले वरुण गांधी को लेकर कहा, ‘‘मैं उनसे मुलाकात कर सकता हूं, उन्हें गले लगा सकता हूं, लेकिन मैं उस विचारधारा को स्वीकार नहीं कर सकता. यह असंभव है.’’ उन्होंने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के इतर यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं आरएसएस के कार्यालय कभी नहीं जा सकता. आप मेरा गला काट सकते है, लेकिन मैं नहीं जाऊंगा. मेरे परिवार की एक विचारधारा है, उसकी अपनी एक विचार प्रणाली है.’’ उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वरुण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में हैं और यदि वह यात्रा में शामिल होते हैं, तो उन्हें समस्याओं का सामना पड़ेगा, यानी भगवा दल आपत्ति कर सकता है.
राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करने और निर्वाचन आयोग एवं न्यायपालिका पर ‘‘दबाव’’बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘‘ आज आरएसएस और भाजपा द्वारा सभी संस्थाओं को नियंत्रित किया जा रहा है. सभी संस्थाओं पर दबाव हैं. प्रेस दबाव में है, नौकरशाही दबाव में है, निर्वाचन आयोग दबाव में है, वे न्यायपालिक पर भी दबाव डालते हैं.’’
राहुल गांधी ने इलेक्ट्रॉनिक वोंिटग मशीन (ईवीएम) से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ यह एक राजनीतिक दल और दूसरे राजनीतिक दल के बीच की लड़ाई नहीं है. अब यह देश की उन संस्थाओं और विपक्ष के बीच की लड़ाई है, जिस पर उन्होंने (भाजपा ने) कब्जा कर लिया है. इनमें से एक कारक ईवीएम है.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अब सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं ‘गायब’ हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि आर्थिक संकट, बेरोजगारी और महंगाई भाजपा को ‘‘बड़ा झटका’’ देंगी.
राहुल गांधी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर भी तंज कसते हुए कहा कि पंजाब का शासन पंजाब से ही चलाया जाना चाहिए, दिल्ली से नहीं. राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ यह ऐतिहासिक तथ्य है. अगर इसे दिल्ली से चलाया जाएगा तो पंजाब के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे. यह राजनीतिक नहीं, अपितु एक तथ्य है.’’ राहुल गांधी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा था कि उन्हें किसी के ‘‘रिमोट कंट्रोल’’ में नहीं रहना चाहिए और उन्हें स्वतंत्र रूप से राज्य चलाना चाहिए.
कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ अभी पंजाब से गुजर रही है. शिरोमणि अकाली दल द्वारा उनकी यात्रा का विरोध किए जाने और ‘आॅपरेशन ब्लूस्टार’ एवं 1984 सिख विरोधी दंगों के लिए उनसे माफी मांगने के लिए कहने संबंधी सवालों के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ंिसह ने अपना और कांग्रेस का रुख बहुत स्पष्ट कर दिया था.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी ऐसा किया है और ‘‘ (पूर्व) प्रधानमंत्री ंिसह जी और सोनिया गांधी जी ने जो कहा है, मैं उसका पूरा समर्थन करता हूं. मैं भी अतीत में अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर चुका हूं.’’ राहुल गांधी ने मंगलवार को यात्रा के दौरान एक व्यक्ति के उनकी ओर दौड़कर आने और उनके गले लगने की घटना को लेकर कहा कि इस मामले में सुरक्षा संबंधी कोई चूक नहीं हुई है.
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि आप इसे चूक क्यों बता रहे है. मुझे लगता है कि सुरक्षार्किमयों ने उसकी तलाशी ली थी, वह अति उत्साहित था. यात्रा को लेकर काफी उत्साह है. कई लोग अत्यधिक उत्साहित हो जाते हैं और यह भी ऐसा ही मामला था, जिसमें वह व्यक्ति कुछ ज्यादा ही उत्साहित था. इसमें कोई समस्या नहीं है. ऐसा पहले भी कई बार हुआ है. मैं इसे सुरक्षा में चूक नहीं कहूंगा.’’ उल्लेखनीय है कि होशियारपुर में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मंगलवार को एक व्यक्ति राहुल गांधी की ओर दौड़कर आया और उन्हें गले लगाने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ चल रहे पार्टी की पंजाब इकाई के प्रमुख अमंिरदर ंिसह राजा वंिडग ने उसे वहां से हटा दिया.
पुलिस महानिरीक्षक जी. एस. ढिल्लों ने कहा कि सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है. कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कड़ाके की ठंड के बीच राहुल गांधी के नेतृत्व में मंगलवार को सुबह पंजाब के टांडा से आगे बढ़ी. यात्रा के दौरान मुकेरियां में रात्रि विश्राम किया जाएगा.
तमिलनाडु के कन्याकुमारी से सात सितंबर को शुरू हुई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 30 जनवरी को श्रीनगर में संपन्न होगी, जहां राहुल गांधी जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में तिरंगा फहराएंगे. यह पदयात्रा अभी तक तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से होकर गुजर चुकी है.



