हैदराबाद/बेंगलुरु. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) पर देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का लक्ष्य सद्भावना और भाईचारे को प्रोत्साहित करना है. ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के कर्नाटक चरण के पूरा होने के बाद रविवार सुबह तेलंगाना में प्रवेश करने के बाद गांधी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पदयात्रा में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मामले उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह यात्रा भाजपा-आरएसएस की विचारधारा, घृणा एवं हिंसा के खिलाफ है.
राहुल ने आरोप लगाया कि आज ‘‘दो भारत’’ अस्तित्व में हैं– पहला, चुनिंदा लोगों और अमीरों का देश है और दूसरा, लाखों युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और छोटे कारोबारियों का देश है. उन्होंने कहा, ‘‘हम दो भारत नहीं चाहते. हम केवल एक भारत चाहते हैं, जहां सभी को न्याय एवं रोजगार मिलना चाहिए. देश में भाईचारा होना चाहिए.’’ इससे पहले पदयात्रा के राज्य में प्रवेश करने पर कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के नेताओं ने तेलंगाना-कर्नाटक सीमा पर गांधी का भव्य स्वागत किया.
लोकसभा सदस्य एवं तेलंगाना में पार्टी मामलों के प्रभारी मणिकम टैगोर, कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी और पार्टी के कई नेताओं ने गांधी का स्वागत किया. यात्रा के तेलंगाना में प्रवेश करते समय कृष्णा नदी पर बने पुल पर सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.
कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि वायनाड से सांसद गांधी ने तेलंगाना में कुछ समय के लिए पदयात्रा की और फिर वह राज्य के नारायणपेट जिले के गुडेबेलूर में रुके. उन्होंने बताया कि बाद में गांधी हेलीकॉप्टर से हैदराबाद के लिए रवाना हुए और वह दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे. तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यात्रा को दीपावली के दौरान रविवार दोपहर से 26 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए रोका जाएगा.
इसके बाद यात्रा गुडेबेलूर से 27 अक्टूबर की सुबह फिर से आरंभ होगी. तेलंगाना में यात्रा 19 विधानसभा और सात संसदीय क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और इस दौरान 375 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. इसके बाद यह सात नवंबर को महाराष्ट्र में प्रवेश करेगी.
गांधी प्रतिदिन 20-25 किलोमीटर की ‘पदयात्रा’ करेंगे और इस दौरान वह लोगों से बातचीत करेंगे. वह बुद्धिजीवियों, विभिन्न समुदायों के नेताओं, नेताओं, खेल, व्यवसाय और सिनेमा जगत की हस्तियों से मुलाकात करेंगे.
टीपीसीसी ने बताया कि गांधी तेलंगाना में कुछ प्रार्थना कक्षों, मस्जिदों और मंदिरों में जाएंगे. उसने कहा कि यात्रा के दौरान अंतर-धार्मिक प्रार्थना भी की जाएगी. ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी. यात्रा के तेलंगाना चरण की शुरुआत से पहले गांधी ने केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में पदयात्रा की थी.
भाजपा को कर्नाटक को नफरत और कुशासन की प्रयोगशाला नहीं बनाने देंगे : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को नफरत और कुशासन के प्रयोगों के लिए कर्नाटक को प्रयोगशाला में बदलने की अनुमति नहीं देगी. राहुल ने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी प्रेम, शांति और सद्भाव के जरिये कर्नाटक की वास्तविक क्षमता को सामने लाएगी.
‘भारत जोड़ो यात्रा’ के कर्नाटक चरण की समाप्ति पर राहुल ने एक बयान में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी शांति के इस उद्यान को भाजपा के नफरत और कुशासन के प्रयोगों की प्रयोगशाला नहीं बनने देगी.’’ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ रविवार को तेलंगाना में प्रवेश कर गई.
राहुल ने कहा, ‘‘हमारे प्रदेश नेताओं के अथक प्रयास से, कर्नाटक की समृद्ध संस्कृति और करोड़ों कन्नड़ लोगों के समर्थन से प्रेरित हो वह दिन जल्द ही आएगा जब हम प्रेम, शांति और सद्भाव के मार्ग के जरिये कर्नाटक की वास्तविक क्षमता को सामने लाएंगे.’’ कर्नाटक में अपनी पूरी यात्रा के दौरान मिले व्यापक समर्थन के लिए लोगों का आभार जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने यहां के लोगों की क्षमता को क्षीण होते हुए देखा है.
वायनाड से सांसद राहुल ने कहा कि बढ़ती लागत, अनिश्चित पैदावार और कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते हर क्षेत्र के किसान अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं को बार-बार प्रयास करने के बावजूद अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने वाले अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि छोटे उद्यम अपर्याप्त समर्थन या समर्थन न मिलने के कारण बंद हो रहे हैं और एक ऐसा बाजार अस्तित्व में है, जो कुछ बड़े खिलाड़ियों के पक्ष में झुका हुआ है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना) मजदूरों, महिलाओं, बुनकरों और कई अन्य की कमाई घटती जा रही है. समाज के वंचित वर्ग और अल्पसंख्यकों को नफरत और हिंसा के बढ़ते ज्वार का सामना करना पड़ रहा है. भाषाओं, विविध संस्कृतियों और राज्य के इतिहास को विकृत एवं नष्ट किया जा रहा है.’’ उन्होंने भाजपा पर कर्नाटक में ंिलगायत संप्रदाय के संस्थापक और 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवेश्वर की शिक्षाओं के खिलाफ जाने का आरोप लगाया.
राहुल ने कहा कि गुरु बसवन्ना ने सिखाया था ‘चोरी मत करो, हत्या मत करो, झूठ मत बोलो, क्रोध मत करो, दूसरों के प्रति असहिष्णु मत बनो’, लेकिन भाजपा ने कर्नाटक में उनकी शिक्षाओं के बिल्कुल काम विपरीत किया है.
उन्होंने कहा, ‘‘कभी भारत की विकास गाथा का नेतृत्व करने वाला राज्य अब ‘40 प्रतिशत कमीशन’ खाने वाली सरकार के लिए जाना जाता है, जो भाजपा के ‘सूट, बूट, लूट सरकार’ मॉडल का उदाहरण है.’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में भ्रष्टाचार अप्रत्याशित स्तर पर व्याप्त है और लोगों को नौकरी, ठेकों और सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है.
उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में भाजपा के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे बेचा नहीं जा सकता है. सामाजिक सद्भाव और सार्वजनिक क्षेत्र का क्षरण आर्थिक प्रगति को पंगु बना रहा है और गरीब एवं कमजोर इसकी सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं.’’ सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत करने वाले राहुल गांधी ने 30 सितंबर को कर्नाटक में प्रवेश किया था. राज्य में 24 दिनों की पदयात्रा के बाद वह रविवार को महबूबनगर के रास्ते तेलंगाना में पहुंचे.