मुझे गिरफ्तार करना चाहती है भाजपा ताकि मैं लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार न कर सकूं : केजरीवाल

नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए गिरफ्तार करना चाहती है. यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी ईमानदारी ही उनकी ”सबसे बड़ी संपत्ति” है. आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल तीसरी बार बुधवार को ईडी के समन पर पेश नहीं हुए.

केजरीवाल (55) ने आरोप लगाया, ”मेरे वकीलों ने मुझे बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन गैरकानूनी हैं. भाजपा मुझे लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए गिरफ्तार करना चाहती है.” केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने ईडी को पत्र लिखकर कहा है कि उनके समन ”अवैध” हैं लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है.

उन्होंने कहा, ”ईडी ने जवाब नहीं दिया क्योंकि वे जानते हैं कि उनके समन अवैध हैं. क्या मुझे अवैध समन का पालन करना चाहिए? अगर वैध समन जारी किए जाएंगे, तो मैं उनका पालन करूंगा. मेरी सबसे बड़ी दौलत मेरी ईमानदारी है. वे मेरी छवि खराब करके मुझे तोड़ना चाहते हैं.” केजरीवाल ने कहा कि आठ महीने पहले जब उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुलाया था तो वह एजेंसी के सामने पेश हुए थे.

उन्होंने दावा किया, ”लोकसभा चुनाव से पहले मुझे क्यों बुलाया जा रहा है? ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा मुझसे पूछताछ नहीं चाहती बल्कि वह ईडी द्वारा गिरफ्तार कराना चाहती है.” मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि आबकारी नीति घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन ऐसा कोई घोटाला नहीं हुआ है और जेल में बंद किसी भी आप नेता के खिलाफ कोई सबूत नहीं है.

उन्होंने कहा, ”मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और विजय नायर इसलिए जेल में नहीं हैं कि वे भ्रष्टाचार में शामिल थे बल्कि इसलिए कि वे भाजपा में शामिल नहीं हुए. हम उनसे (भाजपा वालों से) लड़ने में सक्षम हैं क्योंकि हम भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हैं.” केजरीवाल बुधवार को दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी के समन पर पेश नहीं हुए थे और उसके समक्ष पेश नहीं होने के कारणों के रूप में उन्होंने राज्यसभा चुनाव, गणतंत्र दिवस की तैयारी और जांच एजेंसी के रुख तथा ईडी को लिखे उनके पत्रों का जवाब नहीं देने का हवाला दिया. ईडी को संबोधित एक पत्र में आप नेता ने यह भी कहा कि उन्हें उसके द्वारा भेजे गए किसी भी प्रश्न का ”उत्तर देने में प्रसन्नता” होगी.

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