
चंडीगढ़. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘400 पार’ के दावे को ‘बकवास’ करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि पार्टी लोकसभा चुनाव में 200 सीट के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी. खरगे ने अमृतसर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले आम चुनाव की तुलना में भाजपा की सीट घट रही हैं जबकि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन बढ़त बना रहे हैं.
भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) दावा कर रहा है कि उसे लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट मिलेंगी. भाजपा के इस दावे से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए खरगे ने कहा, ”जब आपकी (सीट) घट रही हैं और हमारी बढ़ रही हैं. ‘400 पार’ भूल जाओ, यह ‘बकवास’ है. वे सरकार भी नहीं बना सकते और 200 सीट से आगे नहीं बढ़ पाएंगे.” खरगे ने कहा कि भाजपा तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में “अस्तित्वहीन” है और कर्नाटक में “मजबूत नहीं” है. उन्होंने सवाल किया, आप महाराष्ट्र में कमजोर हैं, जबकि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में एक लड़ाई है. आपको 400 सीट कैसे मिल रही हैं?”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस तंज का जवाब देते हुए कि चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद खरगे “अपनी नौकरी गंवा देंगे.’ खरगे ने कहा, ”मैं नौकरी करने के लिए राजनीति में नहीं आया हूं. मैं बचपन से ही (लोगों की) सेवा करने के लिए राजनीति में हूं, अब मुझे उतने ही साल हो गए हैं जितनी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी की उम्र है.” खरगे ने कहा, “उन्हें चार जून के बाद अपनी नौकरी के बारे में सोचना चाहिए.” कांग्रेस प्रमुख खरगे ने लोकसभा चुनाव के लिए कृषि ऋण माफी और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी पर पार्टी के चुनावी वादों को दोहराया. उन्होंने साथ ही बेरोजगारी के मुद्दे और अग्निपथ योजना पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में 30 लाख रिक्तियां हैं, अगर ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनी तो सभी पद भरे जाएंगे. युवाओं में नशे की लत की समस्या पर खरगे ने कहा कि इसे रोकने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे. भाजपा के इस आरोप पर कि कांग्रेस के घोषणापत्र में मुस्लिम लीग की छाप है, खरगे ने कहा, “मोदी हमारे घोषणापत्र को देखते या पढ़ते नहीं हैं. मैंने पहले भी कहा था कि अगर उन्हें इसमें मुस्लिम लीग की छाप दिखेगी तो हम कांग्रेस कार्यालय से एक व्यक्ति उन्हें यह समझाने के लिए भेज देंगे.” उन्होंने कहा कि पार्टी का घोषणापत्र युवाओं, किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों के लिए है.



