
भोपाल. केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार जॉर्ज कुरियन को मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी ने मध्यप्रदेश से उपचुनाव में राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया. भाजपा ने 20 अगस्त को कुरियन को मध्यप्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था. यह सीट जून में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई थी.
कुरियन के अलावा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह एवं एक अन्य ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. सिंगरौली के रहने वाले सिंह ने भाजपा के ‘डमी’ उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. एक अधिकारी ने कहा कि दो अन्य प्रत्याशियों में से एक का नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज कर दिया गया तथा सिंह ने अंतिम दिन (27 अगस्त) को अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके कारण कुरियन का शेष कार्यकाल (2026 तक) के लिए राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्विरोध निर्वाचन हो गया.
यदि आवश्यक होता, तो सीट के लिए उपचुनाव तीन सितंबर को होता, जिसमें विधानसभा के सदस्य निर्वाचक मंडल बनाते.
यह राज्यसभा सीट सिंधिया के उच्च सदन से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी, जब वह अपनी पारंपरिक गुना सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे. वह 2019 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में इस सीट से हार गए थे. वह अब केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री हैं. सिंधिया कांग्रेस छोड़कर मार्च 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे जिसके बाद वह राज्य से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे और दूसरे मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए गए थे जहां उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय संभाला था.
मध्यप्रदेश की 11 राज्यसभा सीट में से तीन विपक्षी कांग्रेस के पास थीं, सात सत्तारूढ़ भाजपा के पास थीं . एक सीट खाली थी, जिसे अब कुरियन के निर्वाचन के बाद भरा गया है. केरल के नेता कुरियन वर्तमान में अल्पसंख्यक मामलों, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी के केंद्रीय राज्य मंत्री हैं. मध्यप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 163 विधायक हैं, कांग्रेस के 64 और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) का एक विधायक है. दो सीट खाली हैं.



