संघर्षों के लिए पहचाना जाने वाला असम का बोडोलैंड अब युवाओं की फुटबॉल प्रतिभा के लिए प्रसिद्ध: मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के एरी सिल्क की सराहना की

गुवाहाटी/शिलांग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि असम का बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) जो कभी संघर्षों के लिए जाना जाता था, अब वहां के युवाओं के फुटबॉल कौशल से पहचाना जाता है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवा फुटबॉल खिलाड़ी, जिन्होंने कठिनाइयों और चुनौतियों को हराकर मैदान पर चमक दिखाई है, देश भर में अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं.

अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान बीटीआर में शांति बहाल होने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ”बोडोलैंड देश के सामने एक नयी पहचान के साथ खड़ा है. युवाओं में ऊर्जा और उनका आत्मविश्वास सबसे ज्यादा फुटबॉल के मैदान पर दिखता है.” बीटीआर में बोडोलैंड सीईएम कप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह महज एक टूर्नामेंट नहीं है “यह एकता और आशा का उत्सव बन गया है.” उन्होंने बताया कि इसमें 3,700 से अधिक टीम और लगभग 70,000 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लड़कियां हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा, ”ये आंकड़े बोडोलैंड में आए बदलाव की कहानी बयां करते हैं. बोडोलैंड अब देश के खेल मानचित्र पर और भी चमक रहा है.” उन्होंने कहा, ”एक समय था जब संघर्ष ही बोडोलैंड की पहचान थी. तब यहां के युवाओं के लिए रास्ते सीमित थे. लेकिन आज उनकी आंखों में नए सपने हैं और दिलों में आत्मनिर्भरता का हौसला है.” प्रधानमंत्री ने हालीचरण नारजारी, दुर्गा बोरो, अपूर्वा नारजारी, मनबीर बसुमतारी जैसे खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बोडोलैंड के फुटबॉल खिलाड़ी अब उच्च स्तर पर पहचान बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ फुटबॉल खिलाड़ियों के नाम नहीं हैं- ये उस नयी पीढ़ी की पहचान है जिन्होंने बोडोलैंड को मैदान से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया.

मोदी ने कहा, ”इनमें से कई ने सीमित संसाधनों में अभ्यास किया, कई ने कठिन परिस्थितियों में अपने रास्ते बनाए, और आज इनका नाम लेकर देश के कितने ही नन्हें बच्चे अपने सपनों की शुरुआत करते हैं.” मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रधानमंत्री के प्रसारित क्लिप को ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा, ”बोडोलैंड सीईएम कप- जो इस क्षेत्र में पहले अकल्पनीय था – इस बात का उदाहरण है कि कैसे सही नेतृत्व के साथ, हमारे युवाओं की शक्ति का इस्तेमाल आतंक के बजाय प्रतिभाओं को उभारने के लिए किया जा सकता है.”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”वास्तव में, पिछले पांच वर्षों में उग्रवाद के केंद्र से बीटीआर का शांति के केंद्र में परिवर्तन, पूर्वोत्तर के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता का सबसे अच्छा उदाहरण है.” बोडोलैंड सीईएम कप 1.0 की शुरुआत 15 जून को बीटीआर के सभी पांच जिलों में हुई. इसमें 420 ग्राम परिषद विकास समितियां (वीसीडीसी) शामिल होंगी और यह चार चरणों में आयोजित किया जाएगा. इस आयोजन का कुल बजट 6.44 करोड़ रुपये है, तथा कुल पुरस्कार राशि 72.55 लाख रुपये है.

प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के एरी सिल्क की सराहना की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मेघालय के पारंपरिक एरी सिल्क और उसके अनूठे हस्तशिल्प की प्रशंसा की तथा देश की स्वदेशी कला और शिल्प की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डाला. मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने प्रधानमंत्री मोदी को मेघालय के गौरव का उल्लेख करने के लिए धन्यवाद दिया. इससे एक सप्ताह पहले उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य की महिलाओं द्वारा बुना गया सिल्क कपड़ा उपहार में दिया था.

अपने संबोधन में मोदी ने हाल में मेघालय के एरी सिल्क को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह “न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”एरी सिल्क मेघालय के लिए एक धरोहर की तरह है. यहां की जनजातियों ने, खासकर ख.ासी समाज के लोगों ने पीढि.यों से इसे सहेजा भी है, और अपने कौशल से समृद्ध भी किया है. इस सिल्क की कई ऐसी खूबियां हैं, जो इसे बाकी कपड़ों से अलग बनाती हैं.” उन्होंने कहा, ”इसकी सबसे खास बात है इसे बनाने का तरीका, इस सिल्क को जो रेशम के कीड़े बनाते हैं, उसे हासिल करने के लिए कीड़ों को मारा नहीं जाता है, इसलिए इसे, अहिंसा सिल्क भी कहते हैं.” संगमा ने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूक और नैतिक रूप से उत्पादित ऐसे उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ रही है. उन्होंने एरी सिल्क को अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए “एक आदर्श उत्पाद” बताया.

मोदी ने इसके टिकाऊ होने का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर में ऐसे सामानों की मांग बढ़ रही है. उन्होंने कहा, “ये सिल्क सर्दी में गरम करता है, और र्गिमयों में ठंडक देता है. इसकी ये खूबी इसे ज़्यादातर जगहों के लिए अनुकूल बना देती है.” इसके उत्पादन में मेघालय की महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका को रेखांकित करते हुए, मोदी ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एरी सिल्क क्रांति की सराहना की, जिसमें पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करते हुए स्थायी आजीविका का सृजन किया गया.

प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के अपने आ”ान को दोहराते हुए सभी नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों का समर्थन करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, ”ग्राहक भारत में बने उत्पाद ही खरीदें, और व्यापारी भारत में बने उत्पाद ही बेचें, तो ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नयी ऊर्जा मिलेगी.” मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “यह हमारे पारंपरिक कपड़ा बुनकरों के लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है. माननीय प्रधानमंत्री जी, आपका धन्यवाद.”

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