
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक शीतल वर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि यह प्रक्रिया वर्ष 2025 से ही विचाराधीन है और इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। जनगणना का अंतिम समय 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे निर्धारित किया गया है, जिसके आधार पर देश की कुल जनसंख्या घोषित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक सभी राजस्व प्रशासनिक इकाइयों को फ्रीज कर दिया जाएगा। इस दौरान कोई नया गांव या तहसील नहीं बनाई जाएगी।
इसी चरण में जातिगत जनगणना भी की जाएगी
पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक घरों की गणना (हाउस लिस्टिंग) की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। इसी चरण में जातिगत जनगणना भी की जाएगी।
प्रदेश को लगभग 3.90 लाख गणना ब्लॉकों में विभाजित किया गया है और करीब 5 लाख कार्मिक इस कार्य में लगाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में 800 से 1000 लोगों की गणना की जाएगी। प्रशिक्षण प्रक्रिया 10 मई तक पूरी कर ली जाएगी, जिसमें राष्ट्रीय स्तर से लेकर फील्ड ट्रेनर तक की नियुक्ति की गई है।
जनगणना का कार्य घर-घर जाकर किया जाएगा, जिसमें मकानों, संपत्तियों और व्यक्तियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। स्लम क्षेत्रों और शून्य आबादी वाले इलाकों को भी शामिल किया जाएगा। इस विशाल अभियान के माध्यम से प्रदेश और देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विस्तृत आंकलन संभव होगा।



