सोशल मीडिया, ओटीटी की सामग्री विनियमित करने संबंधी कदमों के बारे में बताने के लिए केंद्र को मोहलत

नयी दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया और ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म पर विषय-वस्तुओं को विनियमित करने के लिए उठाये गये कदमों के बारे में सूचित करने के लिए केंद्र को कुछ मोहलत दी है. उच्च न्यायालय ने इससे पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को निर्देश दिया था कि वह बिचौलियों के संबंध में अपने नियमों को सख्ती से लागू किये जाने को लेकर उसी अनुरूप कदम उठाए, जैसा कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली, 2021 में अधिसूचित किया गया था तथा उचित कानून या नियम तैयार करे.

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने 12 अप्रैल को जारी एक आदेश में कहा, ‘‘केंद्र सरकार की ओर से अदालत में मौजूद स्थायी वकील मोनिका अरोड़ा से इस मुद्दे से संबंधित मंत्रालयों -इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से नोटिस स्वीकार करने का अनुरोध किया जाता है. अरोड़ा ने जवाब दाखिल करने के लिए कुछ मोहलत मांगी है.’’ अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 25 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की.

उच्च न्यायालय एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा था जिसमें इसने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विषय-वस्तु को विनियमित करने के लिए नियम और दिशानिर्देश तैयार करने पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता जताई थी.

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