तेंलगाना ‘मॉडल’ पर जातिगत गणना कराए केंद्र : कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 16 Jul 2025 07:44 PM
तेंलगाना ‘मॉडल’ पर जातिगत गणना कराए केंद्र : कांग्रेस
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बेंगलुरु. कांग्रेस की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सलाहकार परिषद की बुधवार को हुई बैठक में केंद्र से तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के मॉडल के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित जातिगत गणना कराने का आह्वान किया गया. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की अध्यक्षता में यहां हुई दो दिवसीय बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया.

सिद्धरमैया ने परिषद में पारित प्रस्तावों को ‘बेंगलुरु घोषणा’ नाम देते हुए कहा,”जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति और जाति के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक, रोजग़ार, राजनीतिक पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा कि दूसरा प्रस्ताव आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को समाप्त करने का था, जिससे शिक्षा, सेवा, राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों में ओबीसी के लिए उपयुक्त आरक्षण सुनिश्चित हो सके.

सिद्धरमैया ने कहा कि बैठक में पारित तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4) के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए आरक्षण होना चाहिए. परिषद की बैठक में नेताओं ने इन मांगों पर जोर देने के लिए ”एक तीव्र और आक्रमक राष्ट्रव्यापी अभियान” चलाने का भी संकल्प लिया. सलाहकार परिषद ने सर्वसम्मति से ‘न्याय योद्धा’ राहुल गांधी को समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाने के लिए धन्यवाद दिया.

सिद्धरमैया ने कहा, ”राहुल जी के दृढ. निश्चय ने मनुवादी मोदी सरकार को भारत में जातिगत गणना की न्यायोचित और संवैधानिक मांग के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया. भारत के सभी पिछड़े वर्गों की ओर से, परिषद हृदय से उनकी सराहना करता है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए राहुल गांधी के योगदान को श्रेय देता है.” जातिगत गणना को लेकर केंद्र द्वारा किये गए फैसले को मील का पत्थर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारतीय संविधान द्वारा परिकल्पित सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक छोटा सा कदम है.

सिद्धरमैया ने कहा, ”न्याय योद्धा राहुल गांधी जी के साहसी और अडिग नेतृत्व में, भारत सामाजिक सशक्तिकरण के अंतिम संवैधानिक उद्देश्य को साकार करने और प्राप्त करने के लिए नियत है, जिससे हमारे महान राष्ट्र में एक समतावादी और समान समाज का निर्माण होगा.” राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा एक अन्य प्रस्ताव पेश किया गया जिसका उद्देश्य कांग्रेस ओबीसी नेतृत्व को मजबूत करना है. इसके मुताबिक पार्टी ओबीसी से संबंधित मुद्दों पर नियमित कार्यशालाओं का आयोजन करने के लिए मिलकर काम करेगी.

बैठक में राज्यों की राजधानियों में बड़ी सार्वजनिक रैलियों का समन्वय और आयोजन करने का भी निर्णय लिया गया, जिन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी संबोधित करेंगे. ओबीसी सलाहकार परिषद ने देश भर के सभी ओबीसी समुदायों तक पहुंचने और कांग्रेस की विचारधारा के अनुरूप संगठनात्मक और चुनावी नेतृत्व तैयार करने पर भी सहमति व्यक्त की.

परिषद की बैठक में फैसला किया गया कि कांग्रेस सामाजिक न्याय के आधार पर सार्वजनिक संवाद को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देगी. बैठक में शामिल प्रतिभागियों ने 25 जुलाई को नयी दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाले ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ को सफल बनाने पर सहमति व्यक्त की, जिसका उद्घाटन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे.

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