
नयी दिल्ली. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की. इसके बाद राहुल गांधी ने दावा किया कि झारखंड के आगामी विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) ‘भारी बहुमत’ से जीत हासिल करेगा.
यह बैठक झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के कुछ दिन बाद हुई है. चंपई सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की वर्तमान कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए और पार्टी में अपने ‘अपमान’ का हवाला देते हुए पिछले दिनों इस्तीफा दे दिया था. हेमंत सोरेन ने यहां कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर खरगे और गांधी से मुलाकात की. कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल और सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन भी बैठक के दौरान मौजूद थीं.
सोरेन ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया लेकिन समझा जाता है कि उन्होंने इस साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की. राहुल ने एक फेसबुक पोस्ट में मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ”कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उपस्थिति में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन से सौजन्य मुलाकात की. ‘इंडिया’ झारखंडवासियों, गरीबों और आदिवासियों के उत्थान एवं अधिकारों के लिए एकजुट हैं. हम यह चुनाव भारी बहुमत से जीतेंगे.” खरगे ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में झारखंड विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया.
उन्होंने कहा, ”झारखंड में जीतेगा इंडिया! आज राहुल गांधी के साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार भेंट हुई. झारखंड में सभी वर्गों के सामाजिक न्याय और आर्थिक उत्थान के लिए हम पूर्णत? प्रतिबद्ध हैं.” सोरेन ने बाद में मध्य दिल्ली में नवनिर्मित झारखंड भवन का उद्घाटन किया. खरगे और राहुल गांधी से उनकी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महज शिष्टाचार भेंट थी और बैठक में चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”इस मुद्दे पर हम साथ बैठेंगे और चर्चा करेंगे.” यह पूछे जाने पर कि क्या चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने से झारखंड की राजनीति पर कोई असर पड़ेगा, मुख्यमंत्री ने कहा, ”मुझे लगता है कि इस मुद्दे से संबंधित सवाल भाजपा में बैठे लोगों से पूछे जाने चाहिए.” हेमंत सोरेन के इस्तीफे और बाद में धन शोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनकी गिरफ्तारी के बाद दो फरवरी को चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था. जमानत मिलने से हेमंत सोरेन का फिर से मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया था. इसके चलते चंपई सोरेन को तीन जुलाई को अपना पद छोड़ना पड़ा था. कांग्रेस और झामुमो राज्य में गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं.



