केरल के गिरजाघर ने शवों को दफनाने में लकड़ी के ताबूत के बजाय सूती कपड़े का इस्तेमाल किया शुरू

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 06 Sep 2022 09:39 PM
केरल के गिरजाघर ने शवों को दफनाने में लकड़ी के ताबूत के बजाय सूती कपड़े का इस्तेमाल किया शुरू
ऑडियो सुनें

अलप्पुझा. केरल के एक गिरजाघर ने शव को दफनाने में लकड़ी के ताबूत के इस्तेमाल की पुरानी प्रथा को खत्म करते हुए पर्यावरण के अनुकूल सूती के कपड़े का उपयोग शुरू कर दिया है. कोच्चि के लैटिन आर्चडियोसीज के तहत आने वाले अर्थुनकल में स्थित सेंट जॉर्ज गिरजाघर ने एक सितंबर से ताबूत की जगह शवों को ढकने के लिये कपड़े का इस्तेमाल शुरू किया है.

गिरजाघर ने लकड़ी के ताबूतों के उपयोग को समाप्त करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि यह पाया गया था कि शवों और ताबूतों को विघटित होने में सामान्य से अधिक समय लग रहा था. गिरजाघर के अधिकारियों और स्थानीय स्व-शासित निकाय ने पिछले एक साल में क्षेत्र 949 परिवारों के साथ कई बार विचार-विमर्श किया और दफनाने की प्रथा को बदलने के लिए आम सहमति पर पहुंचे.

गिरजाघर के अधिकारियों ने कहा कि शवों को दफनाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था, क्योंकि समुद्र से निकटता के कारण मिट्टी की उच्च लवणता की वजह से पुराने शव विघटित नहीं हो पा रहे थे. क्षेत्र के एक वरिष्ठ व्यक्ति ने कहा, ‘‘हमने हाल ही में पाया कि लकड़ी के ताबूतों में शवों के विघटित होने में देरी हो रही है. शवों को दफनाने के लिए, हमें कब्र नहीं मिल रही है, क्योंकि पुराने शव विघटित नहीं हो पाए हैं. कुछ परिवार शवों को पॉलिथीन के वस्त्र पहनाते हैं. ऐसे शवों को विघटित होने में वर्षों लग जाते हैं.’’

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu