अहमदाबाद में दसवीं कक्षा के छात्र की सहपाठी ने हत्या की, भीड़ ने स्कूल में तोड़फोड़ की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 20 Aug 2025 10:38 PM
अहमदाबाद में दसवीं कक्षा के छात्र की सहपाठी ने हत्या की, भीड़ ने स्कूल में तोड़फोड़ की
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अहमदाबाद. अहमदाबाद के एक निजी स्कूल के दसवीं कक्षा के एक छात्र की सहपाठी ने कथित तौर पर चाकू घोंपकर हत्या कर दी. घटना से आक्रोशित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बुधवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल में तोड़फोड़ की.
एक अधिकारी ने बताया कि घटना मंगलवार की है और पुलिस ने आरोपी किशोर को पकड़ लिया है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि हमलावर और पीड़ित दोनों दसवीं कक्षा के छात्र थे.

राज्य के शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल पनशेरिया ने पहले कहा था कि दसवीं कक्षा के एक छात्र पर नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने चाकू से हमला किया है जिससे उसकी मौत हो गई है. संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह राठौर ने बुधवार को बताया, ”कल सेवेंथ डे स्कूल में दसवीं कक्षा के एक छात्र ने अपने सहपाठी पर चाकू से हमला कर दिया. पीड़ित की रात में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है.” पीड़ित के परिवार के सदस्यों, अन्य छात्रों के अभिभावकों और सिंधी समुदाय के सदस्यों सहित सैकड़ों लोगों ने बुधवार की सुबह स्कूल परिसर में पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

पुलिस ने बताया कि स्थिति जल्द ही अराजकता में बदल गई और भीड़ ने संस्थान में खड़ी स्कूल बसों, दोपहिया और चार पहिया वाहनों को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने स्कूल कर्मचारियों पर भी हमला किया. पुलिस के मुताबिक बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकाला गया. उसने बताया कि परिसर से बाहर निकाले जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी. उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

इस घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया क्योंकि आरोपी छात्र अल्पसंख्यक समुदाय से है और मृतक छात्र सिंधी समुदाय से था. पीड़िता के एक रिश्तेदार ने कहा, ”हम न्याय की मांग कर रहे हैं. आज हमने अपना बच्चा खोया है. कल यह किसी और का बच्चा होगा. अगर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं फिर होंगी.” स्थानीय विधायक अमूल भट्ट ने हाथ जोड़कर भीड़ से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया. उन्होंने भीड़ से अपनी मांगें रखने और पुलिस को अपना काम करने देने का आग्रह किया.

अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) शरद सिंघल ने संवाददाताओं को बताया कि जांच अपराध शाखा को सौंपने की प्रदर्शनकारियों की मांग स्वीकार कर ली गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस अभिभावकों के इस दावे की जांच करेगी कि छह से सात लोगों ने आरोपी छात्र को अपराध में मदद की थी और स्कूल प्रशासन ने पानी का टैंकर मंगवाकर सबूत नष्ट कर दिए.

सिंघल ने कहा, ”अगर अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है तो हम उन्हें गिरफ्तार करेंगे. एक फोरेंसिक टीम अभिभावकों के इस दावे की जांच करेगी कि स्कूल से किसी ने अपराध स्थल की सफाई के लिए पानी का टैंकर मंगवाया था. अगर सबूत मिलते हैं तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे.” जेसीपी राठौर ने प्रदर्शनकारियों से स्कूल प्रशासन के खिलाफ अपने आरोपों की सूची बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इसे कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि पुलिस तोड़फोड़ करने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जाएगा. राज्य के शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल पनशेरिया ने इस हत्या को ”दुर्भाग्यपूर्ण और सभ्य समाज के लिए खतरे की घंटी” करार दिया है. उन्होंने कहा, ”जांच जारी है. शिक्षा विभाग मामले का विश्लेषण करेगा. छात्रों में बढ़ती आक्रामकता चिंता का विषय है.”

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