सीएमओ आईपीएस अधिकारियों के जरिए शबरिमला मामले की जांच में हस्तक्षेप कर रहा: कांग्रेस

तिरुवनंतपुरम: केरल में विपक्षी कांग्रेस ने शबरिमला में सोने की कथित चोरी के मामले में विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की जांच के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय पर मंगलवार को गंभीर आरोप लगाए और उस पर मध्यस्थों के माध्यम से तफ्तीश में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया।

विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दो अधिकारियों को इस मामले की जांच कर रही एसआईटी पर अत्यधिक दबाव डालने के लिए नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल शिष्टाचारवश संबंधित अधिकारियों के नाम बताने से परहेज कर रहा है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वे जांच अधिकारियों पर दबाव डालना बंद नहीं करते हैं तो उन्हें उनकी पहचान उजागर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। निष्पक्ष और ईमानदारी से जांच की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला भगवान अय्यप्पा के सोने की चोरी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस छानबीन पर कड़ी नजर रख रहा है और तहकीकात में किसी भी खामी को सामने लाएगा।

सतीशन ने कहा कि उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के कारण ही अब जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने अब तक एसआईटी पर अविश्वास नहीं जताया है और उन्हें उम्मीद है कि असली दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जाएगा। सतीशन ने कहा कि विपक्ष एसआईटी जांच की प्रगति का आकलन करने के लिए कुछ और दिनों तक इंतजार करेगा और चेतावनी दी कि स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए जहां सीबीआई जांच अपरिहार्य हो जाए।

भगवान अयप्पा मंदिर में सोने की चोरी होने को लेकर काफी समय से एक बड़ा राजनीतिक विवाद चल रहा है। सोने की चोरी और उससे संबंधित शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष अन्वेषण दल गठित किया गया है और इस संबंध में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के दो पूर्व अध्यक्षों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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