कांग्रेस दलितों व पिछड़ों को आरक्षण देने के खिलाफ, प्रस्तावना में संशोधन संविधान पर हमला: भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 03 May 2024 09:49 PM
कांग्रेस दलितों व पिछड़ों को आरक्षण देने के खिलाफ, प्रस्तावना में संशोधन संविधान पर हमला: भाजपा
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस दलितों और पिछड़ों को आरक्षण देने के खिलाफ है और पार्टी ने सत्ता में रहने के दौरान प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द शामिल कर संविधान पर ‘हमला’ किया. भाजपा का यह आरोप ऐसे समय आया है जब कांग्रेस दावा कर रही है कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी पुन: सत्ता में आने पर संविधान में बदलाव करने और अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सदस्यों को दिए गए आरक्षण को समाप्त करने के लिए जनता से लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जिताने की अपील कर रही है.

भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा, ”वे बार-बार कह रहे हैं कि संविधान को बदल दिया जाएगा. आंबेडकर कहते थे कि संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा है. लेकिन उन्होंने (कांग्रेस) इसमें एक शब्द ‘धर्मनिरपेक्ष’ जोड़ दिया, जो संविधान पर सबसे बड़ा हमला था.” यह पूछे जाने पर कि यदि भाजपा फिर से सत्ता में आई तो क्या प्रस्तावना अपने मूल स्वरूप में बहाल हो जाएगी, उन्होंने कहा, ”हां. ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को इसमें (प्रस्तावना) नहीं जोड़ा जाना चाहिए था. इससे बीआर आंबेडकर की आत्मा को ठेस पहुंची.” गौतम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने जन्म से ही दलितों और पिछड़ों को आरक्षण देने के खिलाफ रही है और आरक्षण खत्म करने के लिए अपने शासन में ‘क्रीमी लेयर’ का प्रावधान लाई थी.

उन्होंने आरोप लगाया, ”27 जून 1961 को सभी मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में जवाहरलाल नेहरू (तत्कालीन प्रधानमंत्री) ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह आरक्षण को पसंद नहीं करते हैं, खासकर नौकरियों में. कांग्रेस और उसके नेताओं ने संविधान के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाया क्योंकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया में आरक्षण के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया है.”

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा सत्ता में आने पर एएमयू और जामिया मिलिया इस्लामिया में दलितों और पिछड़ों को आरक्षण मुहैया कराएगी, गौतम ने कहा, ”इसके लिए हम एक मसौदा तैयार करेंगे और सभी प्रयास करेंगे. उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए. हमने पहले भी दलितों के लिए लड़ाई लड़ी है. ” गौतम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 के तहत पूर्ववर्ती राज्य को विशेष दर्जा देकर जम्मू एवं कश्मीर में दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण से वंचित रखा.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया. गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के ‘पुरजोर रक्षक’ हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से जोर देकर कहा है कि जब तक वह जीवित हैं, कोई भी दलितों और पिछड़े वर्गों के आरक्षण में हस्तक्षेप नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा, “लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने दलित समुदाय के लिए 1.25 लाख बैंक शाखाओं में दलित चैम्बर स्थापित करने के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा की.” गौतम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विरासत कर लगाकर दलितों और पिछड़े वर्गों के संसाधनों को एक विशिष्ट समुदाय में फिर से बांटना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया, “इस गठबंधन (इंडिया) के अंदर दलित विरोधी और पिछड़ा विरोधी मानसिकता इस हद तक घर कर गई है कि वे प्रधानमंत्री मोदी से भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा करने के लिए सिर्फ इसलिए सवाल करते हैं क्योंकि वह तेली समुदाय से आते हैं.”

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