नयी दिल्ली/जबलपुर. कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता गौरव वल्लभ द्वारा अशोक गहलोत का खुलकर समर्थन और शशि थरूर की आलोचना किए जाने के बाद शुक्रवार को पार्टी के प्रवक्ताओं एवं संचार विभाग के अन्य पदाधिकारियों से कहा कि वे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उम्मीदवारों के बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी से परहेज करें. सूत्रों के अनुसार, पार्टी महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने अपने विभाग के पदाधिकारियों को भेजे संदेश में यह नसीहत दी है.
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले, पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत का खुलकर समर्थन किया था और शशि थरूर पर निशाना साधा था. रमेश ने कांग्रेस के प्रवक्ताओं और संचार विभाग के पदाधिकारियों से कहा कि वे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे किसी भी नेता के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से परहेज करें. उन्होंने यह भी कहा कि प्रवक्ता इस चुनाव की लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया का उल्लेख करें.
सूत्रों के अनुसार, रमेश ने अपने संदेश में कहा, ‘‘मैं सभी प्रवक्ताओं और संचार विभाग के पदाधिकारियों से कहना चाहता हूं कि अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हमारे किसी साथी के बारे में टिप्पणी करने से परहेज करें. हम सबकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन हमारा काम यह उल्लेख करना है कि कांग्रेस ही एकमात्र राजनीति दल है, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है.’’
सूत्रों ने कहा कि संदेश में रमेश ने प्रवक्ताओं से यह भी कहा, ‘‘कांग्रेस ही एकमात्र राजनीतिक दल है कि जिसमें संगठन के चुनाव कराने के लिए स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण है. चुनाव लड़ने वाले किसी व्यक्ति को किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है. उन्हें नामांकन दाखिल करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के सिर्फ 10 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) की जरूरत होगी.’’ रमेश ने कहा कि चुनाव प्राधिकरण निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से चुनाव सुनिश्चित कर रहा है और ऐसे में प्रवक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप में देखा जाए.
उन्होंने प्रवक्ताओं से इस बात का भी उल्लेख करने के लिए कहा कि ‘‘यदि 17 अक्टूबर को चुनाव कराने की जरूरत पड़ी, तो हम इसका स्वागत करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि पार्टी के संगठन का ध्यान ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को मजबूत बनाने पर होना चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में अशोक गहलोत और शशि थरूर के बीच मुकाबले की बढ़ती संभावना के बीच पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने बृहस्पतिवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री का खुलकर समर्थन किया था. साथ ही, उन्होंने थरूर को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि उन्होंने (थरूर ने) पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें पत्र लिखकर उन (वल्लभ) जैसे कार्यकर्ताओं को कष्ट पहुंचाया गया और इसलिए वह गहलोत का समर्थन करेंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष बनने में मेरी दिलचस्पी नहीं : दिग्विजय सिंह
कांग्रेस में अध्यक्ष पद की दौड़ तेज होने के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी अध्यक्ष बनने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है. यहां पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘ मैं पहले ही कह चुका हूं और फिर दोहरा रहा हूं कि मुझे पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है.’’
यह पूछे जाने पर कि गहलोत के पार्टी अध्यक्ष बनने की स्थिति में प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी जगह कौन लेगा, उन्होंने इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार करते हुये कहा ‘‘ मैं राजस्थान का जन प्रतिनिधि नहीं हूं.’’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के दिल्ली में एक मस्जिद और मदरसे का दौरा करने के सवाल पर सिंह ने कहा कि यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘‘ भारत जोड़ो यात्रा ’’ का परिणाम है, जिसने केवल दो सप्ताह ही पूरे किए हैं.
सिंह ने कहा, ‘‘ भारत जोड़ो यात्रा से प्रभावित होने के लिए मैं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रति आभार व्यक्त करता हूं.’’ उन्होंने कहा कि इस तरह की भावना संघ के निचले तबके तक पहुंचनी चाहिए. सिंह ने कहा कि उन्हें (आरएसएस कैडर) धार्मिक आधार पर समुदायों के बीच मतभेद और दुश्मनी की भावना पैदा करना बंद कर देना चाहिए.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया पार्टी की उम्मीदों से कहीं ज्यादा है. भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद द्वारा इस यात्रा को ‘‘ गांधी परिवार बचाओ यात्रा ’’ करार दिए जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘ परिवार की उनकी (प्रसाद की) परिभाषा संघ परिवार तक सीमित है जबकि कांग्रेस की परिवार की परिभाषा पूरी दुनिया है. हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और भारतीय सनातनी परंपरा में विश्वास करते हैं.’’