दिल्ली विस्फोट पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि लाल किले के नजदीक हुई विस्फोट की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में अविलंब सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए तथा सरकार को अपने उस ”न्यू नॉर्मल” सिद्धांत को लेकर भी रुख स्पष्ट करना चाहिए कि किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा.

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि एक दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र को और पहले शुरू किया जाए ताकि इस विषय पर पूरी चर्चा हो सके. खेड़ा ने जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए सवाल किया कि क्या गृह मंत्री अमित शाह ज़म्मिेदारी लेंगे. साथ ही उन्होंने दावा किया कि शाह के पद पर रहते हुए कई बड़े आतंकवादी हमले हुए हैं. उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि संयुक्त प्रतिशील गठबंधन (संप्रग) के कार्यकाल में मुंबई आतंकवादी हमले के बाद तत्कालीन गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने इस्तीफ.ा दे दिया था.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ” हैरानी की बात यह है कि विस्फोट के 48 घंटे के बाद कैबिनेट ने यह घोषणा की कि यह आतंकी घटना है. कई गंभीर सवाल उठते हैं, क्योंकि यह घटना दिल्ली में हुई.” खेड़ा ने सवाल किया, ”इतनी सुरक्षा एजेंसियां हैं, अमित शाह हैं, अजित डोभाल हैं.. जो कहते हैं कि हमारी पैनी नजर बनी हुई है. फिर भी फरीदाबाद में 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंच गई? यह विस्फोट कैसे हुआ? कौन जिम्मेदारी लेगा?” उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बिना देरी सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए.

खेड़ा ने कहा, “हमारी यह भी मांग है कि संसद का शीतकालीन सत्र थोड़ा पहले शुरू किया जाए.” उनका कहना था, “ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार ने कहा था कि अब न्यू नॉर्मल सिद्धांत है कि आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा. सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.” सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के नजदीक कार में हुए विस्फोट को बुधवार को एक ”आतंकवादी घटना” करार दिया. इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए.

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