कांग्रेस का वजूद वेंटिलेटर पर, इसके नेताओं की ‘बेवकूफी’ एक्सेलरेटर पर: नकवी

हज सब्सिडी के नाम पर दशकों से सियासी छल चल रहा था: नकवी

नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से लंदन में की गई टिप्पणी को लेकर उन पर पलटवार करते हुए सोमवार को कहा कि कांग्रेस का वजूद ‘वेंटिलेटर’ (जीवन रक्षक प्रणाली) पर है, लेकिन इसके नेताओं की ‘बेवकूफी’ एक्सेलरेटर पर है. उन्होंने यह दावा भी किया कि कांग्रेस के नेता विदेश जाकर देश को बदनाम कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गत शुक्रवार को मोदी सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा था कि पाकिस्तान की तरह ही भारत में भी ‘‘अदृश्य ताकतें’’ देश को खोखला कर रही हैं.

उन्होंने लंदन में ‘ंिथक टैंक’ (विचारक संस्था) ब्रिज इंडिया द्वारा आयोजित ‘आइडियाज फॉर इंडिया’ सम्मेलन के एक संवाद-सत्र में यह दावा भी किया था कि भारत की आत्मा पर भाजपा का हमला हो रहा है और “बिना आवाज की आत्मा का कोई मतलब नहीं है तथा जो हुआ है वह यह है कि भारत की आवाज को कुचल दिया गया है.”

राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता नकवी ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस की इसी “विकार धारा” ने कभी मुल्क की पार्टी कहे जाने वाले दल को ऐसा बना दिया जिसकी पूछ मोहल्ले में भी नहीं है. आज कांग्रेस का वजूद वेंटीलेटर पर है फिर भी इनके नेताओं की बेवकूफी एक्­सेलरेटर (तेज रफ्तार) पर है.’’ नकवी ने कहा कि इसी “विकार धारा” का नतीजा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की सनक, भारत को बदनाम करने की साजिश में बदल गई है.

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘फैमिली फोटो फ्रेम में फिक्स” कांग्रेस में पलायन प्रोग्राम उनकी नीतियों से ज्यादा उनके नेतृत्व की ‘‘बेवकूफी और विवेकशून्यता’’ का नतीजा है. नकवी ने कहा, ‘‘कांग्रेस के नेता विदेश जा कर भारत को बदनाम करते हैं. भारत की तुलना पाकिस्तान, श्रीलंका या किसी अन्य देश से करते हैं, तो कभी देश में डर और नफरत हो गयी है की बयान बहादुरी कर देश की संस्कृति-संस्कार-सहिष्णुता एवं शक्ति को धूमिल करने के पाखंडी प्रोग्राम का संचालन करते हैं जो इनकी ऐसी ही विवेकशून्यता और विकार-धारा का परिणाम है.’’ भाषा हक

हज सब्सिडी के नाम पर दशकों से सियासी छल चल रहा था: नकवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि सब्सिडी के खात्मे के बावजूद हज यात्रियों पर आर्थिक बोझ ना पड़ना इस बात का प्रमाण है कि दशकों से हज सब्सिडी के बल पर सियासी छल चल रहा था. उन्होंने यहां हज-2022 के लिए हज समन्वयकों, हज सहायकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के दौरान यह भी कहा कि मोदी सरकार ने “सब्सिडी के सियासी छल” को ईमानदारी के बल से खत्म किया है.

नकवी ने कहा कि हज 2022 के लिए हज कमेटी के माध्यम से हज यात्री 10 इम्बार्केशन पॉइंट्स (प्रस्थान स्थलों)- अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोच्चि, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और श्रीनगर से जाएंगे. उन्होंने बताया कि भारत से हज के लिए उड़ान चार जून से शुरू हो रही हैं.

नकवी ने कहा, ‘‘मोदी सरकार में संपूर्ण हज प्रक्रिया में किये गए महत्वपूर्ण सुधारों से जहां एक तरफ हज प्रक्रिया पारदर्शी हुई है, वहीँ दूसरी ओर दो वर्षों के बाद हज पर जा रहे हज यात्रियों पर गैर-जरुरी आर्थिक बोझ ना पड़े इसकी व्यवस्था की गई है.’’ उनके मुताबिक, संपूर्ण हज प्रक्रिया के शत-प्रतिशत डिजिटल होने से भारतीय मुसलमानों के “इज़ आॅफ डूइंग हज” (हज करने में सुगमता) का सपना साकार हुआ है. डिजिटल हज, “डिजिटल इंडिया” के सर्वश्रेष्ठ उदाहरणों में से एक है.

नकवी ने कहा, ‘‘लोगों की सेहत, सुरक्षा, सलामती को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण सुधारों के साथ हज 2022 हो रहा है. हज 2022 की संपूर्ण प्रक्रिया भारत सरकार और सऊदी अरब की सरकार द्वारा तय किये गए पात्रता, आयु, स्वास्थ्य मानदंडों एवं अन्य जरुरी कोरोना दिशानिर्देशों के अनुसार की गई है.’’

उन्होंने बताया, ‘‘इस साल भारत से 79,237 मुसलमान हज 2022 पर जाएंगें. इनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं. इनमें 56 हजार 601 हज यात्री, भारतीय हज कमेटी और 22,636 हज यात्री, ‘हज ग्रुप आॅर्गनाइजर्स’ (एचजीओ) के माध्यम से जाएंगें. बिना “मेहरम” (पुरुष रिश्तेदार) के लगभग 2000 मुस्लिम महिलाएं हज 2022 पर जाएंगी. इन्हें लॉटरी सिस्टम से बाहर रखा गया है.’’ कोरोना के कारण सऊदी अरब सरकार की ओर से तय दिशानिर्देशों चलते पिछले दो वर्षों में भारतीय नागरिक हज यात्रा पर नहीं जा सके थे.

 

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