
नयी दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से करीब एक दशक पुराना रिश्ता खत्म कर मंगलवार को फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस में शामिल होने पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह पार्टी में उनकी सिर्फ ‘घर वापसी’ नहीं है, बल्कि विचारधारा की वापसी है. उनकी पत्नी और पूर्व विधायक प्रेमलता भी कांग्रेस में शामिल हुईं.
बीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उदयभान और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
पार्टी में शामिल होने के बाद सिंह ने कहा, ”मेरा कांग्रेस में शामिल होना न सिर्फ घर वापसी है, बल्कि ये विचारधारा की वापसी भी है. मैं ये बात इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि मैंने मान्यताओं को निभाया है. देश में नेताओं के लिए व्यावहारिक रूप से कुछ गरिमा व मान्यताएं हैं, जिन्हें निभाना चाहिए, क्योंकि मान्यताओं को निभाने से ही हमारा देश मजबूत होगा.” उन्होंने कहा कि वह गांधी परिवार का सम्मान करते हैं और भाजपा में जाने के बाद भी उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के बारे में कोई हल्की बात नहीं की.
सिंह ने कहा, ”मैं जिस दिन कांग्रेस से भाजपा में गया था, उस दिन सोनिया गांधी जी से मिलकर गया था. मैं उनसे क्षमा मांगकर गया था…मुझे राजीव गांधी जी और सोनिया गांधी जी ने जितना विश्वास दिया है, उतना किसी और नहीं दिया.” महान किसान नेता सर छोटू राम के नाती बीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि देश करवट ले रहा है और बदलाव होने वाला है. सिंह ने कहा कि यह बदलाव भाजपा की गलत नीतियों के कारण है.
उन्होंने आरोप लगाया, ”मैंने भाजपा का किसान प्रेम और गरीब प्रेम बहुत नजदीक से देखा है. वहां प्रेम नाम की चीज नहीं है. ये लोग गरीबों के लिए आंखों में ग्लिसरीन डालकर रोते हैं. उनसे कोई उम्मीद नहीं रखनी है.” सिंह ने कहा, ”मैंने सोचा था कि भाजपा और कांग्रेस की विचारधारा में ज्यादा फर्क नहीं होगा. लेकिन भाजपा की विचारधारा कांग्रेस से बिल्कुल उलट है. यह देश ‘जन मन गण’ से बचेगा. अधिनायकवाद जनता का होता है, किसी नेता का नहीं होता है.”
वासनिक ने उनका स्वागत करते हुए कहा, ”आज देश में लोकतंत्र और संविधान के सामने चुनौतियां हैं. ऐसी परिस्थितियों को जानते हुए बीरेंद्र सिंह जी ने तय किया है कि कांग्रेस के साथ आना होगा. चौधरी जी के आने से कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर और हरियाणा में बल मिलेगा. मैं चौधरी जी का कांग्रेस पार्टी में स्वागत करता हूं.” हुड्डा ने भी बीरेंद्र सिंह का कांग्रेस में स्वागत किया.
उन्होंने कहा, ”आज चौधरी बीरेंद्र सिंह जी अपने कई साथियों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए हैं. आप सभी का कांग्रेस पार्टी में स्वागत है. देश के संविधान, लोकतंत्र को बचाने के लिए सबको एक साथ होने की जरुरत है. आप सभी का हमारे साथ आना ख.ुशी की बात है.” सुरजेवाला ने कहा कि बीरेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी.
उन्होंने कहा, ”चौधरी बीरेंद्र सिंह जी का कांग्रेस में शामिल होना, हमारे लिए एक भावुक और गौरवान्वित क्षण है. चौधरी बीरेंद्र सिंह जी का इंदिरा गांधी जी, राजीव गांधी जी और सोनिया गांधी जी के साथ एक लंबा राजनीतिक जीवन रहा है. उनके आने से कांग्रेस को और मजबूती मिलेगी. हम उनका कांग्रेस पार्टी में स्वागत करते हैं.” कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर बीरेंद्र सिंह के बड़ी संख्या में समर्थक भी पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे.
बीरेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़ दी है और वह कांग्रेस में शामिल होंगे. इससे करीब एक महीने पहले उनके पुत्र बृजेन्द्र सिंह भाजपा छोड़कर विपक्षी दल कांग्रेस में शामिल हो गए थे. बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेम लता 2014-2019 तक विधायक रह चुकी हैं. बीरेंद्र सिंह कांग्रेस के साथ अपने चार दशक से अधिक पुराने रिश्ते को तोड़कर लगभग 10 साल पहले भाजपा में शामिल हुए थे. वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और इस्पात मंत्री रहे.



