कांग्रेस अर्से से आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रही है, राहुल गांधी का बयान इसका प्रमाण : मायावती

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 10 Sep 2024 08:29 PM
कांग्रेस अर्से से आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रही है, राहुल गांधी का बयान इसका प्रमाण : मायावती
ऑडियो सुनें

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने आरक्षण खत्म करने को लेकर टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला करते हुए मंगलवार को कहा कि गांधी के इस बयान से स्पष्ट है कि उनकी पार्टी वर्षों से अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण खत्म करने के षड्यंत्र में लगी है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद कार्यक्रम में भारत में आरक्षण कब तक जारी रहेगा, इस सवाल पर कहा कि कांग्रेस पार्टी आरक्षण खत्म करने के बारे में तब सोचेगी, जब भारत में आरक्षण के लिहाज से निष्पक्षता होगी लेकिन अभी ऐसा नहीं है. मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार टिप्पणियां करते हुए राहुल के इस बयान की तीखी आलोचना की.

उन्होंने कहा, ”केन्द्र में काफी लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए कांग्रेस पार्टी नीत सरकार ने ओबीसी आरक्षण को लागू नहीं किया और ना ही देश में जातीय जनगणना करायी. अब यह पार्टी इसकी (जातिवार जनगणना) आड़ में सत्ता में आने के सपने देख रही है. इनके इस नाटक से सचेत रहें जो भविष्य में कभी जातीय जनगणना नहीं करा पाएगी.” मायावती ने कहा, ”अब कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा श्री राहुल गांधी के इस नाटक से भी सतर्क रहें, जिसमें उन्होंने विदेश में यह कहा है कि भारत जब बेहत्तर स्थिति में होगा तो हम एससी, एसटी, ओबीसी का आरक्षण खत्म कर देंगे. इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस वर्षों से इनके आरक्षण को खत्म करने के षड्यंत्र में लगी है.”

उन्होंने कहा, ”इन वर्गों के लोग कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी के दिए गए इस घातक बयान से सावधान रहें, क्योंकि यह पार्टी केंद्र की सत्ता में आते ही, अपने इस बयान की आड़ में इनका आरक्षण जरूर खत्म कर देगी. ये लोग संविधान व आरक्षण बचाने का नाटक करने वाली इस पार्टी से जरूर सजग रहें.” बसपा प्रमुख ने कहा, ”सचाई यह है कि कांग्रेस शुरू से ही आरक्षण-विरोधी सोच की रही है. केंद्र में इसके नेतृत्व वाली सरकार में जब आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया गया तब इस पार्टी से इस वर्ग (एससी, एसटी, ओबीसी) के लोगों को इंसाफ नहीं मिल पाने की वजह से ही बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. लोग सावधान रहें.”

उन्होंने कहा, ”कुल मिलाकर, जब तक देश में जातिवाद जड़ से खत्म नहीं हो जाता है तब तक भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर होने के बावजूद इन वर्गों के लोगों की सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक हालत बेहतर होने वाली नहीं है. इसलिए जातिवाद के समूल नष्ट होने तक आरक्षण की सही संवैधानिक व्यवस्था जारी रहना जरूरी.” लोकसभा में कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के प्रतिष्ठित जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए भारत में आरक्षण कब तक जारी रहेगा, इस सवाल पर कहा, ”जब भारत में (आरक्षण के लिहाज से) निष्पक्षता होगी, तब हम आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेंगे. अभी भारत इसके लिए एक निष्पक्ष जगह नहीं है.”

राहुल ने कहा, ”जब आप वित्तीय आंकड़ों को देखते हैं, तो आदिवासियों को 100 रुपये में से 10 पैसे मिलते हैं. दलितों को 100 रुपये में से पांच रुपये मिलते हैं और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को भी लगभग इतने ही पैसे मिलते हैं. सचाई यह है कि उन्हें उचित भागीदारी नहीं मिल रही है.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu