अहमदाबाद. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस ने भारतीय राजनीति में ‘‘विश्वसनीयता का संकट’’ खड़ा किया है क्योंकि पार्टी द्वारा किए गए वादों और उनके क्रियान्वयन के बीच बहुत अंतर है. गुजरात में प्रथम चरण के लिये एक दिसंबर को होने वाले चुनाव से पहले यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस जहां अपने अस्तित्व के लिये चुनाव लड़ रही है, आम आदमी पार्टी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिये मैदान में है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह भाजपा ही है जो गुजरात में 182 सीटों में से दो-तिहाई से अधिक जीतेगी, जैसा कि कई राजनीतिक विश्लेषकों ने भविष्यवाणी की है. भाजपा में लोगों का भरोसा वर्षों से बढ़ा है और पार्टी (गुजरात में जीत के) पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी और सत्ता बरकरार रखेगी.’’ सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में रहते हुए लोगों से किए गए वादों को पूरा करती तो भारत कई साल पहले दुनिया का सबसे मजबूत देश बन गया होता.
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि अगर कोई राजनीतिक दल है जिसने भारतीय राजनीति में विश्वसनीयता का सबसे बड़ा संकट पैदा किया है, तो वह कांग्रेस है. उन्होंने अतीत में जो वादे किये और जो काम किया उसमें बहुत अंतर है.’’ उन्होंने कहा कि दूसरी ओर भाजपा हमेशा अपनी बात पर कायम रही और अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा किया.
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘जब अन्य सभी दल विश्वसनीयता के संकट का सामना कर रहे हैं, तब भाजपा भारतीय राजनीति में विश्वसनीयता के प्रतीक के रूप में उभरी है. मोदी जी के 2014 में बागडोर संभालने के बाद, हमारे देश का कद दुनिया में बढ़ा है.’’ गुजरात में फिर से चुने जाने पर समान नागरिक संहिता को लागू करने के भाजपा के चुनावी वादे पर सिंह ने कहा कि जनसंघ के गठन के दिनों से ही समान नागरिक संहिता के बारे में पार्टी की नीति बहुत स्पष्ट रही है. उन्होंने कहा, ‘‘हम समय-समय पर अपना रुख नहीं बदलते हैं. कोई भी निर्णय लेते समय राजनीति और उसे लोग कैसे देखेंगे इसे ध्यान में नहीं रखा जाता.’’
20वीं सदी में महात्मा गांधी, पटेल, 21वीं सदी में प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के गौरव के प्रतीक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी और वल्लभभाई पटेल 20वीं सदी में गुजरात के सम्मान व गौरव के प्रतीक थे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21वीं सदी में राज्य के ‘सम्मान और गौरव’ के रूप में उभरे हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए एक दिसंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ‘‘रावण’’ वाली टिप्पणी ‘‘पूरे कांग्रेस नेतृत्व’’ की मानसिकता को दर्शाती है.
उन्होंने कहा कि गुजरात के लोग उन व्यक्तियों को करारा जवाब देंगे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जो ‘‘गुजरात का सम्मान और गौरव हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘महात्मा गांधी और सरदार पटेल जहां 20वीं सदी में गुजरात के सम्मान और गौरव के प्रतीक थे, वहीं हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21वीं सदी में गुजरात के सम्मान और गौरव के रूप में उभरे हैं. और आज, हमारे प्रधानमंत्री के लिए कांग्रेस द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है.’’ गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 89 पर बृहस्पतिवार को पहले चरण में मतदान होगा. सिंह ने कहा कि अन्य विपक्षी दल भी प्रधानमंत्री के खिलाफ निराधार आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि किसी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल स्वस्थ लोकतंत्र को नहीं दर्शाता है. गुजरात में सोमवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री सभी चुनावों में लोगों से ‘‘उनका चेहरा देखकर वोट करने’’ के लिए कहते हैं. खरगे ने पूछा था, ‘‘क्या आप रावण की तरह 100 सिर वाले हैं.’’ खरगे की टिप्पणी को भाजपा ने गुजरात के लोगों का अपमान करार दिया था.
सिंह ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के लिए कांग्रेस अध्यक्ष ने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है, वह सिर्फ खड़गे की नहीं बल्कि पूरे कांग्रेस नेतृत्व की मानसिकता का प्रतिंिबब है.’’ भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद एक संस्था होता है.
सिंह ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का पद सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, यह एक संस्था है. मुझे विश्वास है कि गुजरात के सम्मान और गौरव के प्रतीक प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने वालों को गुजरात की जनता करारा जवाब देगी.’’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए भाजपा नेताओं द्वारा ‘मौनी बाबा’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बारे में पूछने पर सिंह ने कहा कि यह अपशब्द नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘‘मौनी बाबा गाली नहीं हैं. किसी ने ‘रावण’ और ‘नीच’ शब्दों (प्रधानमंत्री के लिए) का इस्तेमाल किया था. हम ऐसी चीजों में कभी लिप्त नहीं होते हैं.’’