जमकंडोरना/अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ने उनके खिलाफ अपशब्द कहने का ठेका किसी और को दे दिया है तथा वह ग्रामीण मतों को हासिल करने के लिए ‘‘चुपचाप’’ काम कर रही है. राज्य में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजकोट जिले के जमकंडोरना शहर में एक रैली में मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कांग्रेस से सतर्क रहने को कहा.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पिछले 20 वर्ष में गुजरात के खिलाफ रहे लोगों ने राज्य को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने मेरे खिलाफ जो मन में आया, वह कहा और मुझे ‘मौत का सौदागर’ तक बताया.’’ उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘अचानक वे चुप हो गए हैं. उन्होंने हंगामा करने और मेरे खिलाफ अपशब्द कहने का ठेका दूसरों को दे दिया है. वे चुपचाप गांवों तक जा रहे हैं और लोगों को वोट देने के लिए कह रहे हैं.’’
मोदी ने कहा, ‘‘मैं विपक्षी दल की चुपचाप काम करने की इस रणनीति के खिलाफ आपको आगाह करता हूं. मैं जानता हूं कि यह उन लोगों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है जो दिल्ली से गुजरात के खिलाफ साजिश रचने के लिए जाने जाते हैं.’’ विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब भारत सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती है तो ‘‘एक पूरा समूह हमारे खिलाफ चिल्लाता’’ है और सरकारी प्रतिष्ठानों को बदनाम करना शुरू कर देता है.
मोदी ने कहा, ‘‘आप अपने खिलाफ लगे आरोपों का सीधा जवाब क्यों नहीं देते. आपने जनता से जो भी लूटा है उसकी आपको भरपाई करनी पड़ेगी. क्या मुझे आलोचना के बावजूद काम नहीं करना चाहिए? मुझ पर आपका आशीर्वाद है.’’ उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कांग्रेस नेताओं से यह पूछने के लिए कहा कि क्या वे भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में गुजरात में निर्मित ‘स्टैच्यू आॅफ यूनिटी’ गए? उन्होंने कहा कि लोगों के एक समूह को छोड़कर दुनियाभर के लोग ‘स्टैच्यू आॅफ यूनिटी’ देखने आते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अगर आपको अपने गांव के समीप कोई कांग्रेस कार्यकर्ता दिखे तो उससे पूछिए कि क्या वह कभी स्टैच्यू आॅफ यूनिटी गया? उनमें से कुछ गए भी हैं लेकिन उन्होंने गुपचुप तरीके से ऐसा किया ताकि दूसरों को इसकी भनक न लगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जो माटी के लाल सरदार पटेल का सम्मान नहीं करते, उनके लिए गुजरात में कोई जगह नहीं होनी चाहिए.’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि सरकार किसी भ्रष्ट के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो एक समूह हमारे खिलाफ चिल्लाता है. क्या मुझे लोगों को लूटने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए ?’’ ‘गुजरात मॉडल’ की आलोचनाओं के जवाब में मोदी ने कहा कि आज राज्य और विकास एक-दूसरे का पर्याय बन गए हैं. उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी क्षेत्र की ओर देखे, आंकड़े भी गुजरात के विकास को बयां कर सकते हैं.
उन्होंने उन दिनों को याद किया जब लोगों को पानी और बिजली के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था तथा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब थी. प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के 20 साल के शासन में सब कुछ बदल गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के दो दशकों के शासन में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल तथा उद्योग जैसे क्षेत्रों में भारी वृद्धि हुई है.
उन्होंने कहा कि अगर पिछले 20 वर्ष में गुजरात ने इतना विकास नहीं किया होता तो राज्य के युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया होता. उन्होंने कहा, ‘‘यह 20 वर्ष का कठिन परिश्रम है कि हमारे युवाओं का भविष्य विकास और भरोसे के साथ आगे बढ़ रहा है.’’ मोदी ने कहा कि यह तो महज शुरूआत है और उनका सपना गुजरात को 25 वर्ष में नयी ऊंचाइयों पर ले जाने का है.
उन्होंने गुजरात और केंद्र में सरकार चलाने के 21 वर्ष के सफर की राजकोट से हुई शुरूआत को याद किया. मोदी ने 2002 में राजकोट (पश्चिम) सीट से विधायक का पहला चुनाव जीता था. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने लंबे अनुभव से कह सकता हूं कि महीने और साल बीत गए लेकिन गुजरात नयी ऊंचाइयों को छू रहा है तथा इसके पीछे केवल सरकार और नरेन्द्र-भूपेंद्र (मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल) ही नहीं हैं बल्कि आपके जैसे मित्रों की कड़ी मेहनत है.’’
पुरानी व्यवस्था को बदलने के लिये उनकी सरकार ने करवाई ‘सर्जरी’, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि गुजरात दो दशक पहले कई बीमारियों से पीड़ित था, और उनकी सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बदलने के लिए एक ‘‘सर्जरी’’ की. अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल (असरवा) में 1,275 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सुविधाओं की शुरुआत करते हुए, उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने ‘वन अर्थ, वन हेल्थ (एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य)’ का आ’’ान किया क्योंकि उन्हें यह देखकर दुख हुआ कि कुछ देशों को कोविड-19 रोधी टीकों की एक भी खुराक नहीं मिली जबकि अन्य देशों में लोगों को चार या पांच खुराकें मिल चुकी थीं.
उन्होंने कहा, ‘‘जैसे कोई लोगों की बीमारी को ठीक करता है, वैसे ही हम कई बीमारियों की स्थिति को ठीक करने के लिए यह ‘मुक्ति यज्ञ’ कर रहे हैं. और हम इसे ठीक करने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए उनकी सरकार ने चिकित्सकों द्वारा बताई गई तीन चीजों का इस्तेमाल किया : दवा, सर्जरी और देखभाल.
स्वास्थ्य सेवा में पिछड़ापन, बिजली की कमी, पानी की कमी, कुशासन और खराब कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं को सूचीबद्ध करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘बीस या पच्चीस साल पहले गुजरात कई बीमारियों से ग्रसित था.’’ उन्होंने कहा कि इन सभी बीमारियों की जड़ में जो ‘‘सबसे बड़ी बीमारी’’ थी वह ‘‘वोट बैंक की राजनीति’’ थी.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सर्जरी का अर्थ है पुरानी व्यवस्था में बदलाव लाना. मेरी सर्जरी का तरीका कैंची को निष्क्रियता, ढिलाई और भ्रष्टाचार की ओर ले जाना है. फिर दवा आती है, जिसका अर्थ है नई प्रणालियों, मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे, नए अस्पतालों के निर्माण व नवाचार को विकसित करने के लिए हर दिन नए प्रयास करना. और तीसरा है देखभाल, जो गुजरात के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है.’’ चार बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने सावधानी और संवेदनशीलता के साथ काम किया. उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों के बीच गए, उनकी समस्याओं को साझा किया, और इतना ही नहीं … मैं विनम्रता के साथ कह सकता हूं कि गुजरात पहला राज्य था (ऐसा करने वाला) जब हमने न केवल मनुष्यों के लिए बल्कि पशुओं के लिए भी स्वास्थ्य शिविर लगाए.’’