
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों को अपडेट करने में देरी के अपने आरोपों को खारिज किए जाने के बाद मंगलवार को निर्वाचन आयोग पर पलटवार करते हुए कहा कि आयोग का जवाब संवाद के स्तर को ”अस्वीकार्य रूप से निम्न स्तर” पर ले जाता है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरह ही ”महत्वपूर्ण तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है.” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आयोग को भेजे लिखित जवाब में यह बात की है.
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को रमेश से कहा था कि हरियाणा चुनाव के नतीजों को अपडेट करने में देरी के उनके “बेबुनियाद आरोप” को साबित करने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है. रमेश ने आयोग की वेबसाइट पर हरियाणा के चुनाव नतीजे अपडेट करने में “विलंब” को लेकर मंगलवार को आयोग का रुख किया था और कहा था कि अधिकारियों को सही आंकड़ों के साथ वेबसाइट अपडेट करने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए जाएं ताकि झूठी खबरों और दुर्भावनापूर्ण विमर्श का मुकाबला किया जा सके.
निर्वाचन आयोग के पत्र का जवाब देते हुए रमेश ने कहा, ”हमें आपका जवाब मिला है और पत्र में रक्षात्मक लहजे और भाव से हम स्तब्ध हैं.” उनका कहना है, ”यह जवाब न केवल पूरी तरह से शत्रुतापूर्ण है, बल्कि यह संवाद के स्तर को अस्वीकार्य स्तर तक गिरा देता है, जो तटस्थ और निष्पक्ष माने जाने वाले निकाय के लिए आश्चर्यजनक है और यह सत्तारूढ़ पार्टी की तरह महत्वपूर्ण तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है.” उन्होंने कहा कि आंकड़े अपडेट करने में विलंब की बात टेलीविजन और सोशल मीडिया दोनों पर कई व्यक्तियों द्वारा स्वतंत्र रूप से की गई थी.
इससे पहले, रमेश ने आयोग को लिखे पत्र में कहा था, ”पिछले दो घंटे में सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच, आयोग की वेबसाइट पर परिणामों को अपडेट करने की गति काफी धीमी थी. जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं, इससे बुरी मंशा वाले लोग ऐसी कहानियां गढ़ सकते हैं जो प्रक्रिया को कमजोर करती हैं. आप इसके उदाहरण सोशल मीडिया पर पहले से ही देख सकते हैं.” उन्होंने कहा था, ”हमें यह डर भी है कि इस तरह की कहानियों का उपयोग दुर्भावना रखने वाले लोगों द्वारा वहां प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है जहां गिनती अभी जारी है.” रमेश ने कहा था, ”हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप अपने अधिकारियों को वेबसाइट को सही और सटीक आंकड़ों के साथ अद्यतन करने के लिए तत्काल निर्देश जारी करें ताकि झूठी खबरों और दुर्भावनापूर्ण विमर्श का तुरंत मुकाबला किया जा सके.”
जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के बाद पूर्ण राज्य की बहाली प्राथमिकता होगी: कांग्रेस
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस के साथ अपने गठबंधन को बहुमत मिलने के बाद मंगलवार को कहा कि सरकार गठित होने के बाद इस केंद्रशासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाना प्राथमिकता होगी.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के गठबंधन को 49 सीटें हासिल हुई हैं.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ”जम्मू-कश्मीर की जनता ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन को स्पष्ट बहुमत दिया है. यहां सरकार बनने के बाद हमारी पूरी प्राथमिकता होगी कि केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा दिया जाए.” पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग इस तरह का स्पष्ट जनादेश देने के लिए बधाई के पात्र हैं.
उनका कहना था, ”जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद चुनाव हुआ. जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीना गया और केंद्र सरकार ने उप राज्यपाल के माध्यम से वहां जैसे शासन चलाया, ये सबने देखा. इस दौरान, वहां न आम आदमी सुरक्षित रहा और न पर्यटक सुरक्षित रहे. कश्मीरी पंडितों से किए गए वादे भी भुला दिए गए.” खेड़ा ने कहा, ”जम्मू-कश्मीर के बाशिंदों ने एक स्पष्ट जनादेश दिया है, इसलिए वहां के लोगों को बहुत बधाई.”
कांग्रेस ने हरियाणा के नतीजों को अस्वीकार किया, षड्यंत्र का आरोप लगाया
कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों को ‘अप्रत्याशित’ और ‘लोक भावना के खिलाफ’ करार देते हुए मंगलवार को कहा कि इस जनादेश को स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि राज्य में ‘तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार’ हुई है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने षड्यंत्र का आरोप भी लगाया और दावा किया कि तीन-चार जिलों से ईवीएम को लेकर शिकायतें आई हैं जिनसे मुख्य विपक्षी दल निर्वाचन आयोग को अवगत कराएगा.
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया कि हिसार, महेंद्रगढ. और पानीपत जिलों से ईवीएम को लेकर शिकायतें आई हैं तथा जिन ईवीएम की बैट्री 99 प्रतिशत चार्ज थी उनमें कांग्रेस उम्मीदवारों की हार हुई है, लेकिन जिनकी बैट्री 60-70 प्रतिशत चार्ज थी उनमें कांग्रेस की जीत हुई है.
रमेश ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया , “हमसे जीत छीनी गई है… आज जो नतीजे आए हैं, वो जमीनी हकीकत के अनुसार नहीं हैं… यह परिणाम लोक भावना के खिलाफ है.” उन्होने कहा कि 12-14 सीटें ऐसी हैं, जहां उम्मीदवारों ने गंभीर सवाल उठाए हैं.
रमेश ने कहा, ”मतगणना की प्रक्रिया की शुचिता और ईवीएम को लेकर सवाल खड़े हुए हैं…हम निर्वाचन आयोग जाएंगे. हमें आशा है कि हमें अपनी बात रखने के लिए समय मिलेगा.” कांग्रेस महासचिव ने कहा, ”जहां 99 प्रतिशत बैट्री होती है वहां भाजपा जीतती है और जहां 60-70 प्रतिशत बैट्री है वहां कांग्रेस जीतती है. यह षड्यंत्र नहीं है तो और क्या है.” खेड़ा ने दावा किया कि हरियाणा में ‘तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार’ हुई है.
उन्होंने दावा किया, ”हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल अप्रत्याशित और अस्वीकार्य हैं. हिसार, महेंद्रगढ. और पानीपत जिलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि यहां ईवीएम की बैट्री 99 प्रतिशत चार्ज थी. इन जगहों पर कांग्रेस को हराने वाले नतीजे आए. वहीं, जिन मशीनों को नहीं छेड़ा गया और जिनकी बैट्री 60-70 प्रतिशत चार्ज थी, वहां हमें जीत मिली.” उन्होंने कहा, ”हम इन सारी शिकायतों को लेकर निर्वाचन आयोग जाएंगे. यह तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार है, हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते.” खेड़ा ने कहा, ”ये नतीजे सवाल खड़े करते हैं. इन सवालों का जवाब ढूंढ.ना हम सबका राजधर्म है.”



