कांग्रेस नेता पार्टी के संविधान की रक्षा करने में ही ‘विफल’ रहे : निर्मला सीतारमण

पटना. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस झूठ फैला रही है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) फिर से सत्ता में आने के बाद संविधान को बदल देगा और दावा किया कि एक ही परिवार को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस अपनी ही पार्टी के संविधान की रक्षा करने में ”विफल” रही.

पटना में मंगलवार को संवाददाताओं से सीतारमण ने कहा, ”कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता झूठ फैला रहे हैं कि राजग सत्ता में आने के बाद संविधान को बदल देगा. वे ऐसी बात कैसे कह सकते हैं, जब कांग्रेस नेता अपनी ही पार्टी के संविधान की रक्षा करने में विफल रहे.” उन्होंने कहा, ”उन्हें यह याद होना चाहिए कि कैसे पार्टी में सोनिया गांधी के उत्थान में किसी भी बाधा को रोकने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सीताराम केसरी को एक कमरे में बंद कर दिया गया था.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को छीनकर इसे मुसलमानों को देने की कोशिश कर रहे हैं.

सीतारमण ने कहा, ”वे केवल मुसलमानों को फायदा पहुंचाने के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं, जो संविधान के खिलाफ है. कांग्रेस और राजद एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण छीनकर इसे मुसलमानों को देने की कोशिश कर रहे हैं. कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी पहले ही ऐसा कर चुकी है.” उन्होंने कहा, ”जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो उसने बाबा साहेब आंबेडकर को कभी उचित सम्मान नहीं दिया. उन्हें 1990 में भारत रत्न दिया गया था. वे संविधान या बाबा साहब के बारे में बोलने के लायक नहीं हैं. प्रधानमंत्री मोदी जी ने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए और देश के समग्र विकास के लिए कई कदम उठाए हैं.” वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्वी राज्यों का तेजी से विकास हमेशा राजग के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता रही है.

भाजपा नेता ने कहा, ”केंद्र सरकार चाहती है कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य के तहत पूर्वी राज्य- बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा..पूरे देश के लिए विकास के इंजन बनें.” उन्होंने कहा, ”जहां तक बिहार का सवाल है, 2005 से पहले ”जंगलराज” के कारण बिहार की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था. बिहार में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद 1991 में 21,282 रुपये था जो कि ओडिशा से अधिक था, लेकिन जंगलराज के दौरान यह घटकर 14,209 रुपये हो गया. बिहार की प्रति व्यक्ति जीडीपी में लगभग 33 प्रतिशत की गिरावट आयी. मैं कहना चाहूंगी कि वर्ष 2002 के बाद बिहार में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद बढ़कर 37,000 रुपये हो गया.” सीतारमण ने कहा कि राजग सरकार ने अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी दोनों) के तहत गरीब लोगों को 40 लाख घर उपलब्ध कराए हैं.

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