
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस ने प्रचार का शोर थमने और मतदान शुरु होने के बीच की अवधि (साइलेंट पीरियड) के दौरान झारखंड में विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी कर संविधान के साथ खिलवाड़ किया है और निर्वाचन आयोग को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए.
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर समय-समय पर ‘संविधान की धज्जियां उड़ाते रहने’ का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ”मतदान से पहले के 48 घंटे के दौरान साइलेंट पीरियड में कोई भी पार्टी प्रचार-प्रचार नहीं कर सकती है. कोई रैली भी नहीं हो सकती है. लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि यह जानते हुए भी मतदान से पूर्व 12 नवंबर को कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है.”
उन्होंने कहा, ”यह दुखद है और संविधान के साथ खिलवाड़ है.” झारखंड में 81 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के तहत 43 सीटों पर बुधवार को मतदान हो रहा है. पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई बार ऐसा किया है और उसके ‘दिग्गज नेता’ निर्वाचन आयोग को कभी गंभीरता से नहीं लेते हैं.
उन्होंने कहा, ”जिस प्रकार से कल राहुल गांधी की पार्टी ने चुनाव आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं, मुझे लगता है कि आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए.” कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें 250 यूनिट मुफ्त बिजली, जाति आधारित गणना कराने और एक साल के भीतर सभी रिक्त सरकारी पदों को भरने का वादा किया गया है.
कांग्रेस की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष बंधु तिर्की ने घोषणापत्र जारी किया. इसमें 1932 की खतियान आधारित अधिवास नीति और आदिवासियों की सरना धार्मिक संहिता के कार्यान्वयन सहित सात वादों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. यह घोषणापत्र राज्य की कुल 81 सीट में से 43 सीट के लिए पहले चरण में होने वाले मतदान से एक दिन पहले जारी किया गया.



