
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने अडाणी समूह द्वारा गंगावरम बंदरगाह का अधिग्रहण किए जाने पर शुक्रवार को सवाल उठाए और कहा कि केवल एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से ही पता चल सकता है कि इस कारोबारी समूह ने कई रणनीतिक क्षेत्रों में इतनी जल्दी और भारी छूट पर इतनी सारी मूल्यवान संपत्तियां कैसे अपने नियंत्रण में ले लीं.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक खबर का हवाला देते हुए यह दावा भी किया कि गंगावरम बंदरगाह के अधिग्रहण के मामले के अध्ययन के साथ कई रणनीतिक क्षेत्रों में “मोदी-निर्मित एकाधिकार” (मोदी मेड मोनोपॉली-3एम)” की आश्चर्यजनक वृद्धि के पीछे के तौर-तरीकों को दिखाता है.
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”कई विचित्र प्रश्न उठते हैं कि अडाणी ने आंध्र प्रदेश में ऋण-मुक्त गंगावरम बंदरगाह कैसे खरीदा, जिसका मूल्य उसके द्वारा भुगतान किए गए 6,200 करोड़ रुपये से दोगुना होना चाहिए?” कांग्रेस नेता ने कहा, “5 फरवरी, 2023 से हमने हम अडाणी के हैं कौन श्रृंखला के माध्यम से प्रधानमंत्री से अडाणी के साथ उनके विशेष संबंधों पर 100 से अधिक प्रश्न पूछे थे. केवल एक जेपीसी ही यह खुलासा कर सकती है कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने करीबी दोस्त अडाणी को कई रणनीतिक क्षेत्रों में इतनी जल्दी और भारी छूट पर इतनी सारी संपत्तियां हासिल करने में मदद की.”



