कांग्रेस ने बेरोजगारी के आंकड़ों को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी की स्थायी विरासत रिकॉर्ड बेरोजगारी है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महासचिव जयराम रमेश ने ‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी दर 10 प्रतिशत के पार चली गई है.

खरगे ने एक बयान में कहा, ”देश में बेरोजग़ारी दर 10 प्रतिशत के पार है. मंदी और महंगाई के बीच मोदी सरकार ने ऐसा ह्लबेरोजग़ारी मेलाह्व लगाया है जो करोड़ों युवाओं को दर-दर भटकने पर मजबूर कर रहा है. नरेन्द्र मोदी जी, आप पीआर स्टंट करके, जो कुछ हज.ार ह्लपहले से स्वीकृत’ पदों पर भर्ती पत्र बांटने का काम करते हैं वो उन युवाओं की उम्मीदों और ज.ख़्मों पर नमक छिड़कने जैसा है जिन्हें सालों से नौकरियों का इंतज.ार है.”

उन्होंने आरोप लगाया, ”आपकी (प्रधानमंत्री) ज़्यादतियों का ख.ामियाज.ा सबसे अधिक एससी, एसटी, ओबीसी व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है. कोविड के दौरान गई नौकरियों में से 90 लाख अच्छे वेतन वाली नौकरियां बिलकुल ग.ायब हो गई हैं.” खरगे के मुताबिक, ग्रामीण भारत का हाल बदहाल है तथा मनरेगा में 20 प्रतिशत मांग बढ़ गई है, जो ऐतिहासिक 10.8 प्रतिशत बेरोजग़ारी दर से साफ. दिखता है.

उन्होंने कहा कि सरकार के आंकड़े खुद कहते हैं कि स्नातक की पढ़ाई करने वाले युवाओं में बेरोजग़ारी दर 13.4 प्रतिशत है. कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ”अब आपके झूठे विज्ञापन और ध्यान भटकाने की नीति की नई तरकीबें नहीं चलेंगी. पांच राज्यों के चुनाव हों या आगामी लोकसभा चुनाव, भारत का युवा, अपने क.सूरवार से बदला ज.रूर लेगा.”

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”भारत का बढ़ता मोदी-निर्मित आर्थिक संकट नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है. सीईएम के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में बेरोजग़ारी दर अब 10 प्रतिशत से ऊपर है जो 2 वर्षों में सबसे अधिक है जबकि यह पहले ही पांच दशकों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी थी. ग्रामीण बेरोजग़ारी अब 10.8 प्रतिशत है.”

उनका कहना है कि ”बेरोजग़ारी का संकट गंभीर है यह मनरेगा के तहत काम की रिकॉर्ड मांग से और भी स्पष्ट हो गया है. मनरेगा करोड़ों भारतीयों के लिए रोजग़ार का आख.रिी सहारा है. इसके तहत काम मांगने वालों की संख्या पिछले वर्ष से 20 प्रतिशत बढ़ गई है. काम की मांग करने वाले परिवारों की संख्या 2019 में कोविड-19 महामारी से पहले की तुलना में भी अधिक है.” रमेश ने दावा किया कि आंकडों से साफ. होता है कि आर्थिक सुधार की सभी बातें पूरी तरह से सिफ.र् दिखावा हैं.

उन्होंने कहा, ”अक्टूबर 2023 में एक करोड़ भारतीयों ने श्रम बाजार में प्रवेश किया. इनमें से लाखों को काम नहीं मिल पाएगा. अभी पिछले हफ़्ते ही ख.बर आई थी कि सैकड़ों इंजीनियरों ने सरकारी चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन किया है. इंफोसिस और विप्रो ने कहा है कि वे इस साल कॉलेजों से प्लेसमेंट नहीं करेंगे. अधिकांश भारतीय, विशेष रूप से शिक्षित युवा, मोदी मेड आर्थिक संकट से पीड़ित हैं.” कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया, ”प्रधानमंत्री के रूप में मोदी जी की स्थायी विरासत रिकॉर्ड बेरोजग़ारी है. इसलिए सरकार इस समस्या को छिपाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाएगा, ध्यान भटकाने के प्रयास होंगे और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जाएगी. लेकिन भारत का युवा सच जानता है. अब प्रधानमंत्री के रिटायर होने का समय आ गया है.”

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