दूषित पेयजल त्रासदी: मन्नतों के बाद जन्मे बच्चे की मौत, नानी ने पूछा,”मुआवजे से वह वापस आ जाएगा?”

इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के मराठी मोहल्ले की एक संकरी गली पर करीब छह माह के अव्यान साहू की मौत के बाद खामोशी का साया है। बच्चे के परिवार का कहना है कि उसकी मौत दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण हुई। इस परिवार के गम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने 10 साल की मन्नतों के बाद जन्मे बच्चे की मौत का मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है।

स्थानीय नागरिकों ने भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण 15 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है जिनमें शामिल अव्यान सबसे कम उम्र का था। इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है। विभाग के मुताबिक इस प्रकोप में केवल चार लोगों की मौत हुई है।
अव्यान की नानी कृष्णा साहू ने शुक्रवार को ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को बताया,‘‘हमने बच्चे की मौत पर राज्य सरकार से अब तक कोई मुआवजा नहीं लिया है।

हमारा बच्चा तो चला गया। अब मुआवजा ले भ्री लें, तो क्या वह वापस आ जाएगा? बच्चे से बढकर पैसा थोड़े ही है।’’ उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने 10 साल की मन्नतों के बाद अव्यान को जन्म दिया था। भीगी आंखों से बच्चे की नानी ने याद किया,‘‘बच्चे के दादा-दादी के साथ ही मैंने खुद उसके जन्म के लिए मन्नत मांगी थी और मैं हुसैन टेकरी पर छल्ला बांधकर आई थी। मेरी मन्नत पूरी हुई, पर मुझे अंदाजा नहीं था कि बच्चा ज्यादा दिन तक हमारे साथ रह नहीं पाएगा।’’

साहू ने बताया,‘‘बच्चा स्वस्थ था और उसका वजन बढकर पांच किलोग्राम हो गया था। वह मां की गोद में खेलता रहता था। एक दिन उसे अचानक दस्त लगे और चिकित्सक की सलाह पर उसे घर में दवाइयां देनी शुरू की गईं। उसकी हालत बिगड़ी और अस्पताल ले जाए जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’’

उन्होंने कहा कि मां के दूध से बच्चे का पेट नहीं भरता था, इसलिए उसे बाजार से दूध और दूध पाउडर दिया जा रहा था जिसे पतला करने के लिए इसमें नगर निगम के नल कनेक्शन से आने वाला पानी मिलाया जाता था। साहू ने कहा कि यह पानी दूषित था जो बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ। बच्चे के परिजनों के मुताबिक 29 दिसंबर को उसकी मौत हो गई थी।

बच्चे की मौत को लेकर साहू के पड़ोसियों में जहां उसके परिवार के प्रति शोक संवेदनाएं हैं, वहीं सरकारी तंत्र के लिए मार्मिक संदेश भी है। बच्चे के घर के पास रहने वाली अनीता सेन ने कहा,‘‘मेरे घर में एक महीने की बच्ची, चार साल का बच्चा और 10 साल की लड़की है। अब सरकार को इस बात पर गौर करना चाहिए कि दूषित पेयजल से अब किसी मां की गोद न उजड़े।’’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button