
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को खुद को ‘इंडिया’ नाम देने वाले विपक्षी गठबंधन पर हमला तेज करते हुए कहा कि यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की राह में ”बाधा” है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक सुर में भ्रष्टाचार, वंशवाद और तुष्टिकरण को ”भारत छोड़ो” के लिए बोल रहा है.
अपनी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देश का वर्णन करने के लिए भारत शब्द का इस्तेमाल किया और विपक्ष के गठबंधन ‘इंडिया’ पर हमला करते हुए इसे देश के लिए ”गंभीर खतरा” बताया.
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में भारत मंडप में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भारत के हथकरघा, खादी, कपड़ा क्षेत्र को विश्व गुरु बनाने की कोशिश कर रही है.
मोदी ने बुनकरों और हथकरघा क्षेत्र के लिए 2014 से उनकी सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ अब एक जन अभियान बन गया है. प्रधानमंत्री ने कपड़ा क्षेत्र व फैशन उद्योग से अपना दायरा बढ.ाने और भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि देश में ‘नव-मध्यम वर्ग’ का उदय हो रहा है, जो कपड़ा कंपनियों को बड़ा अवसर प्रदान करता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को लेकर देश में एक नई क्रांति आई है और उन्होंने लोगों से रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली सहित आने वाले त्योहारों पर इसे बढ.ावा देने का आग्रह किया. मोदी ने नौ अगस्त की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि यह तारीख महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत के सबसे बड़े आंदोलन की गवाह रही है, जिन्होंने अंग्रेजों को भारत छोड़ो का संदेश दिया था.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नारे का इस्तेमाल अब ऐसे तत्वों को दूर करने के लिए किया जा सकता है जो विकसित भारत के निर्माण की राह में बाधा बन गए हैं. मोदी ने कहा, ” भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना हमारा सपना है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन कुछ बुरे तत्व हैं जो बाधा बन गए हैं… पूरा भारत एक सुर में बोल रहा है…भ्रष्टाचार, वंशवाद, तुष्टिकरण भारत छोड़ो.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में ये बुराइयां देश के लिए एक बड़ी चुनौती हैं और विश्वास जताया कि देश इनको मात देगा.
प्रधानमंत्री ने कहा, ” देश की जीत होगी. भारत की जनता की जीत होगी.” भारत के हथकरघा उद्योग के योगदान को रेखांकित करने हुए मोदी ने कहा कि पुराने और नए का संगम आज के नए भारत को परिभाषित करता है. उन्होंने कहा, ”आज का भारत सिर्फ ‘वोकल फॉर लोकल’ ही नहीं बल्कि इसे दुनियाभर तक ले जाने के लिए एक वैश्विक मंच भी प्रदान कर रहा है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि नौ साल पहले खादी व ग्रामोद्योग का कारोबार केवल 25,000-30,000 करोड़ रुपये था, लेकिन आज यह 1.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गया है.
उन्होंने कहा, ”हर जिले के, हर राज्य के हस्तशिल्प, हथकरघे से बनी चीज.ों को बढ.ावा देने के लिए सरकार ‘एकता मॉल’ भी बना रही है. एकता मॉल में उस राज्य के हस्तकला उत्पाद एक छत के नीचे होंगे. इसका भी बहुत बड़ा फायदा हमारे हथकरघा क्षेत्र से जुड़े भाई-बहनों को मिलेगा. आपमें से किसी को अगर गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखने का अवसर मिला होगा तो वहां एक एकता मॉल बना हुआ है.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”अगर हमें भविष्य में दूसरों से आगे निकलना है तो हमें आज ही स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला में निवेश करना होगा. यह विकसित भारत के निर्माण और पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के सपने को साकार करने का तरीका है.”



