अदालत ने पुलिस को आफताब का नार्को परीक्षण पांच दिन में कराने को कहा, थर्ड डिग्री का प्रयोग नहीं करने के निर्देश

श्रद्धा हत्याकांड की जांच के लिए चार राज्यों में पहुंचे दिल्ली पुलिस के दल

नयी दिल्ली/मुंबई. दिल्ली की एक अदालत ने शहर पुलिस को निर्देश दिया है कि महरौली हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला का नार्को परीक्षण पांच दिन के अंदर पूरा कराया जाए. अदालत ने यह भी साफ किया कि पूनावाला के विरुद्ध किसी थर्ड डिग्री उपाय का प्रयोग नहीं किया जा सकता.

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौर ने आरोपी को नार्को विश्लेषण परीक्षण का अर्थ और उसके परिणामों के बारे में भी समझाया.
न्यायाधीश ने आदेश में कहा, ‘‘आरोपी अपने वकील के माध्यम से उसकी कार्यवाही रिकॉर्ड कराना चाह रहा है. पूछताछ पर आरोपी ने कहा कि वह अपनी ओर से किसी निजी वकील की सेवा नहीं लेना चाहता.’’ अदालत ने आरोपी से पूछा कि क्या वह नार्को जांच कराना चाह रहा है, जिस पर पूनावाला ने जवाब दिया, ‘‘मैं अपनी मंजूरी देता हूं.’’ न्यायाधीश ने 17 नवंबर को पारित अपने आदेश में फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, रोहिणी को निर्देश दिया कि जांच अधिकारी (आईओ) को आज से पांच दिन के भीतर आरोपी का नार्को परीक्षण कराने दिया जाए. आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई.

न्यायाधीश ने आदेश में कहा, ‘‘आईओ को निर्देश दिया जाता है कि किसी थर्ड डिग्री उपाय का प्रयोग नहीं किया जाए. मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) नियमों के अनुसार तैयार किया जाए.’’ पुलिस के अनुसार पूनावाला ने अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर (27) की गत 18 मई की शाम को कथित तौर पर गला घोंट कर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा तथा कई दिनों तक विभिन्न हिस्सों में फेंकता रहा.

श्रद्धा हत्याकांड की जांच के लिए चार राज्यों में पहुंचे दिल्ली पुलिस के दल

दिल्ली पुलिस के दल श्रद्धा वालकर हत्याकांड की जांच के सिलसिले में मुंबई, गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड पहुंचे. जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि उन लोगों का पता चल सके जिनसे वह वालकर की हत्या के बाद संपर्क में था. इसके अलावा फोन से हटाये गये डेटा को भी प्राप्त किया जाएगा. सूत्रों ने कहा कि पुलिस को अभी तक हड्डियां ही मिलीं हैं जो प्रथम दृष्टया मानव अस्थि जैसी लगती हैं.

मुंबई से आने के बाद श्रद्धा और पूनावाला कई जगहों पर गये थे जहां जाकर पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन यात्रााओं के दौरान ऐसा कुछ हुआ था जिसका हत्या से कोई लेनादेना हो. एक सूत्र ने कहा, ‘‘हम हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के उन होटलों के मालिकों और र्किमयों से बात करेंगे जहां दोनों ठहरे थे. हम उनसे पूनावाला की पहचान भी कराएंगे.’’ पुलिस का एक दल आज गुरुग्राम में एक निजी कंपनी के दफ्तर भी पहुंचा जहां पूनावाला काम करता था. एक अधिकारी के अनुसार पुलिस अपने साथ आरोपी को लेकर गयी थी.

पुलिस को तलाशी अभियान के बाद कार्यालय के आसपास झाड़ियों से बरामद चीजों से भरा एक प्लास्टिक बैग ले जाते देखा गया. हालांकि, अधिकारियों ने बैग में क्या है, इसका खुलासा नहीं किया. उन्होंने बताया कि आरोपी वालकर के साथ मुंबई से राष्ट्रीय राजधानी में आने के बाद इस कंपनी के दफ्तर में काम करता था.

एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की एक टीम जांच के संबंध में साक्ष्य एकत्र करने के लिए शुक्रवार को गुरुग्राम पहुंची. उन्होंने बताया कि आरोपी के कार्यालय परिसर में यह पता लगाने के लिए भी तलाशी ली गई कि क्या उसने श्रद्धा के क्षत-विक्षत शव के टुकड़ों, हथियार या मामले से संबंधित कुछ भी सामान आसपास के क्षेत्रों में फेंका था, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

पुलिस के अनुसार पूनावाला ने अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर (27) की गत 18 मई की शाम को कथित तौर पर गला घोंट कर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा तथा कई दिनों तक विभिन्न हिस्सों में फेंकता रहा.

पूनावाला ने फ्लैट किराये पर लेते समय श्रद्धा वालकर को अपनी पत्नी बताया था: पुलिस

अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ की बेरहमी से हत्या करने का आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने मुंबई के निकट किराये का एक मकान ढूंढने के दौरान श्रद्धा वालकर को अपनी पत्नी बताया था. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे दोनों वसई में किराये का एक फ्लैट ढूंढ रहे थे और इस दौरान पूनावाला ने वालकर को कई बार अपनी पत्नी बताया था, हालांकि उनकी शादी नहीं हुई थी.

उन्होंने 2019 में विवाहित होने का दावा करते हुए नायगांव (पूर्व) की एक इमारत में एक कमरे का फ्लैट किराए पर लिया था. अधिकारी ने बताया कि किरायेदार का कोई पुलिस सत्यापन नहीं किया गया था क्योंकि हाउंिसग सोसाइटी पंजीकृत नहीं थी. हालांकि, महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में पुलिस सत्यापन अनिवार्य है. उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2020 में, वे वसई (पूर्व) में किराये के वन बीएचके (एक बेडरुम-हॉल-रसोई) फ्लैट में स्थानांतरित हो गए और पूनावाला ने फिर से वालकर को अपनी पत्नी के रूप में मकान मालिक से मिलवाया था.

दस्तावेजों के रूप में, पूनावाला ने अपने माता-पिता के वसई स्थित घर के विवरण के साथ अपना आधार कार्ड दिया था. हालांकि, फ्लैट पूनावाला के नाम पर किराए पर लिया गया था, जबकि वालकर की तस्वीर पुलिस सत्यापन दस्तावेज में संलग्न की गई थी. दस्तावेज पर तुंिलज पुलिस की मुहर थी. अधिकारी ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2021 में वसई स्थित फ्लैट खाली कर दिया और माना जाता है कि वे आसपास की किसी अन्य इमारत में चले गए. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद यहां से ही वे इस साल मार्च में दिल्ली चले गये थे.

पुलिस सबूत की तलाश में गुरुग्राम में आफताब पूनावाला के कार्यालय पहुंची

दिल्ली पुलिस की एक टीम गुरुग्राम में उस निजी फर्म के कार्यालय पहुंची, जहां श्रद्धा वालकर की हत्या का आरोपी आफताब अमीन पूनावाला काम किया करता था. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पुलिस को तलाश अभियान के बाद कार्यालय के आसपास झाड़ियों से प्लास्टिक का एक थैला ले जाते देखा गया. हालांकि, अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि थैले में क्या था. उन्होंने बताया कि आरोपी और वालकर के मुंबई से राष्ट्रीय राजधानी में आने के बाद से वह (पूनावाला) एक निजी फर्म में काम करता था.

एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की एक टीम जांच के संबंध में साक्ष्य एकत्र करने के लिए शुक्रवार को गुरुग्राम पहुंची. उन्होंने बताया कि आरोपी के कार्यालय परिसर में यह पता लगाने के लिए भी तलाशी ली गई कि क्या उसने श्रद्धा के क्षत-विक्षत शव के टुकड़ों, वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार, या मामले से संबंधित कोई भी सामान आसपास के क्षेत्रों में फेंका था, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकता हो. टीम ने एंबियंस मॉल के निकट स्थित नेशनल मीडिया सेंटर सोसाइटी के पीछे की खाली पड़ी जमीन पर भी खोजबीन की.

दिल्ली पुलिस की टीम अब तक जांच के सिलसिले में मुंबई, गुड़गांव, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का दौरा कर चुकी हैं. सूत्र ने बताया कि जांच से जुड़े जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी के फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. एक सूत्र ने कहा, ‘‘हम उन होटलों के मालिकों और कर्मचारियों से बात करेंगे, जहां वे दोनों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ठहरे थे.’’ दिल्ली की एक अदालत ने पूनावाला की पुलिस हिरासत की अवधि बृहस्पतिवार को पांच दिन और बढ़ा दी थी.

मुंबई से आने के बाद वालकर और पूनावाला ने कई जगहों की यात्रा की थी. पुलिस पूनावाला के साथ इन जगहों पर जायेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन यात्राओं के दौरान तो उनके बीच कुछ ऐसा तो घटित नहीं हुआ था जिसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया.
पूनावाला को अगले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड और अन्य स्थानों पर ले जाया जाएगा.

श्रद्धा ने अपने अवसाद, पूनावाला के ंिहसक स्वभाव के बारे में बताया था: मुंबई के चिकित्सक ने कहा

मुंबई के एक चिकित्सक ने शुक्रवार को दावा किया कि श्रद्धा वालकर ने पिछले साल उनसे अपने अवसाद और ‘लिव-इन-पार्टनर’ आफताब अमीन पूनावाला के ंिहसक व्यवहार पर परामर्श लिया था. मलाड में एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल चलाने वाले डॉ प्रणव काबरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें फरवरी 2021 में एक फोन आया था और कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम श्रद्धा वालकर बताया था. वालकर उसी इलाके में एक कॉल सेंटर में काम करती थी.

काबरा ने कहा कि वह रोगी को जाने बिना आमतौर पर फोन पर परामर्श नहीं देते थे, लेकिन उन्होंने श्रद्धा की बात सुनने का फैसला किया क्योंकि उसने उनकी परिचित एक सामाजिक कार्यकर्ता का हवाला दिया. डॉ काबरा ने कहा, ‘‘उसने मुझे अपने अवसाद के बारे में बताया और अपने पुरुष मित्र के गुस्से तथा ंिहसक व्यवहार के बारे में बताया. मैंने उससे कहा कि मैं पहली बार सलाह लेने वाले रोगियों को फोन पर परामर्श नहीं देता, लेकिन युवती ने कहा कि कोविड के खतरे के मद्देनजर वह व्यक्तिगत रूप से अस्पताल नहीं आ सकेगी.’ तब डॉ काबरा ने उससे कहा कि उन्हें उसका और उसके पुरुष मित्र, दोनों के मनोविकार मूल्यांकन तथा मनोवैज्ञानिक जांच की जरूरत है.

उन्होंने कहा, ‘‘वह कई कारणों से अस्पताल आने में संकोच कर रही थी, लेकिन उसने मुझसे फोन पर कहा कि आफताब छोटी-छोटी बातों पर बहुत गुस्सा हो जाता है और उसे डर है कि वह उसे या खुद को या दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे और उसके दोस्त को योग करने तथा प्राणायाम करने की सलाह दी. मैंने उनसे जल्द से जल्द मुझसे मिलने को भी कहा. मैंने उसे सलाह दी कि किसी काउंसलर से मिलकर इस विषय पर बात करें.’’ डॉ काबरा ने बताया कि श्रद्धा (27) ने कभी उनसे मुलाकात नहीं की. उन्होंने बताया कि उसने अपना और अपने पुरुष मित्र का नाम उन्हें बताया था और जब उन्होंने टीवी पर श्रद्धा की हत्या की खबर सुनी तो उन्हें लगा कि यह वही युवती हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से बहुत देरी हो चुकी थी.’’

दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची वसई, श्रद्धा के दोस्त का बयान दर्ज किया

दिल्ली पुलिस के एक दल ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में श्रद्धा वालकर के गृहनगर वसई में उसके घनिष्ठ मित्र का बयान दर्ज किया.
एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी से पुलिस का चार सदस्यीय दल मुंबई के समीप वसई में मानिकपुर थाने पहुंचा और उसने वालकर के मित्र लक्ष्मण नाडर का बयान दर्ज किया.

उन्होंने बताया कि यह दल उन स्थानीय पुलिस अधिकारियों का भी बयान दर्ज करेगा जिन्होंने वालकर के पिता द्वारा दर्ज करायी गयी गुमशुदगी शिकायत रिकार्ड की थी तथा उसके सह-जीवन साथी (लिव-इन पार्टनर) आफताब पूनावाला से पूछताछ की थी. पूनावाला श्रद्धा की हत्या का आरोपी है.

मीरा भयंदर वसई विरार पुलिस आयुक्त कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ यह दिल्ली पुलिस का मामला है और हम उसे सभी जरूरी सहायता प्रदान करेंगे.’’ दिल्ली पुलिस के अनुसार पूनावाला ने 18 मई की शाम को श्रद्धा वालकर (27) की कथित तौर पर गला घोंट कर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए थे, जिन्हें उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा तथा कई दिनों तक दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में फेंकता रहा.

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