अदालत ने हेमंत सोरेन की ईडी की हिरासत तीन दिन बढ़ाई

रांची. यहां की एक विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत सोमवार को तीन दिन के लिए बढ़ा दी. वकीलों ने यह जानकारी दी. ईडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता की चार दिनों की हिरासत मांगी थी.

सोरेन की ओर से पेश महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा, ”वे (ईडी) चार दिन की हिरासत मांग रहे थे… उनके पास आगे की हिरासत के लिए कोई आधार नहीं बचा है. वे (ईडी) सिर्फ समय टालना चाहते हैं… उनके पास कोई नया आधार नहीं है. वे बस चाहते हैं कि मामले को जारी रखा जाए और हिरासत अवधि बढ़ाई जाए.” झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन को सात फरवरी को विशेष पीएमएलए अदालत ने पांच दिन के लिए ईडी हिरासत में भेज दिया था.

इससे पहले दो फरवरी को भी अदालत ने सोरेन को पांच दिन की हिरासत में ईडी को सौंपा था. सोरेन के वकील राजन ने कहा, ”हमने ईडी के अनुरोध पर आपत्ति जताई, क्योंकि आगे हिरासत की जरूरत नहीं है.” उन्होंने सात फरवरी को कहा था कि केंद्रीय एजेंसी पहले ही सोरेन से 120 घंटे तक पूछताछ कर चुकी है.

पीएमएलए अदालत पहुंचने पर सोरेन ने अपने समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और ‘हेमंत सोरेन जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए. धनशोधन मामले में केंद्रीय एजेंसी द्वारा सात घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. उससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

धनशोधन जांच में ‘घोर असहयोग’ दिखा रहे हेमंत सोरेन: ईडी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को आरोप लगाया कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन धनशोधन जांच में “घोर असहयोगपूर्ण रवैया” दिखा रहे हैं. केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि सोरेन कथित तौर पर अपने द्वारा अर्जित की गई भूमि के बारे में जानकारी देने के “इच्छुक” नहीं हैं. ईडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 48 वर्षीय नेता को न्यायाधीश राजीव रंजन की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष पेश किया, जिसने उनकी ईडी हिरासत तीन दिन के लिए और बढ़ा दी.

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद 31 जनवरी को सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया था. एजेंसी ने अदालत को बताया कि सोरेन और उनके कथित “करीबी सहयोगी” बिनोद सिंह के बीच व्हाट्सऐप चैट में एक बैंक्वेट हॉल का विवरण है, जिसे रांची के बड़गाई क्षेत्र में 8.5 एकड़ भूमि पर बनाने का प्रस्ताव था. ईडी का आरोप है कि यह अचल संपत्ति सोरेन द्वारा “अवैध रूप से अर्जित” है.

ईडी ने सोरेन का चार दिन का रिमांड मांगते हुए कहा, ”आरोपी व्यक्ति श्री हेमंत सोरेन घोर असहयोग दिखा रहे हैं और अपने तथा उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों द्वारा अर्जित संपत्तियों के संबंध में सही तथ्य बताने के इच्छुक नहीं हैं.” एजेंसी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का बिनोद सिंह के साथ उनकी व्हाट्सऐप चैट को लेकर सामना कराया जा रहा है जिसमें अचल संपत्तियों से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान शामिल है. इसने कहा कि सोरेन संपत्तियों के बारे में जानकारी छिपाने के लिए व्हाट्सऐप चैट संबंधी बात को स्वीकार करने से भी इनकार कर रहे हैं.

ईडी ने कहा, ”बिनोद सिंह और श्री हेमंत सोरेन के बीच व्हाट्सऐप चैट की जांच से 06.04.2021 को बिनोद सिंह द्वारा श्री हेमंत सोरेन को प्रस्तावित बैंक्वट हॉल के बारे में साझा की गई योजना/मानचित्र की पहचान हुई है.” इसने दावा किया, “उक्त योजना में उल्लिखित प्रस्तावित बैंक्वट हॉल का स्थान उक्त 8.5 एकड़ भूमि से मेल खाता है, जो अवैध रूप से अधिगृहीत की गई.

ईडी की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि उसके अधिकारियों ने 10 फरवरी को बड़गाई क्षेत्र के अधिकारियों, बिनोद सिंह, भानु प्रताप प्रसाद (इस मामले में गिरफ्तार राजस्व उपनिरीक्षक) की उपस्थिति में एक सर्वेक्षण किया था और इसकी पुष्टि की गई थी कि “बिनोद सिंह (व्हाट्सऐप पर सोरेन के साथ) द्वारा साझा की गई योजना के अनुसार बैंक्वट हॉल का क्षेत्र और सोरेन द्वारा अधिगृहीत 8.5 एकड़ भूमि का क्षेत्रफल समान है.

एजेंसी ने पूर्व में आरोप लगाया था कि जांच शुरू होने के बाद जमीन का उक्त टुकड़ा राजकुमार पाहन नाम के एक व्यक्ति को वापस कर दिया गया था. इसने कहा कि सोरेन “सहयोग नहीं कर रहे हैं” और अपने से जुड़ी संपत्तियों के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार नहीं हैं और इसलिए उनकी ईडी हिरासत बढ़ाए जाने की आवश्यकता है. एजेंसी ने कहा कि मामले में सात फरवरी को तलाशी ली गई और “नए सबूत सामने आए हैं”.

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