खनन शुल्क पर न्यायालय के फैसले से लोगों के लिए काम करने का मेरा संकल्प मजबूत होता है: सोरेन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 07 Nov 2022 06:48 PM
खनन शुल्क पर न्यायालय के फैसले से लोगों के लिए काम करने का मेरा संकल्प मजबूत होता है: सोरेन
ऑडियो सुनें

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि कथित अवैध खनन मामले में सोरेन के खिलाफ जांच के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष दायर जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. सोरेन पर राज्य के खनन मंत्री के रूप में स्वयं को खनन पट्टा आवंटित करने का आरोप है. उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि जनहित याचिकाओं (पीआईएल) के संबंध में उच्च न्यायालय के तीन जून के आदेश को रद्द किए जाने के फैसले ने लोगों के लिए अथक काम करने के उनके संकल्प को मजबूती दी है.

सोरेन ने कहा, “मुझे कानून के शासन और देश की न्यायिक संस्थानों में पूरा विश्वास है.” सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दावा किया है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोरेन और उनकी सरकार को एक साजिश के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा निशाना बनाया जा रहा है. झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा एक झूठा विमर्श बनाया जा रहा है.

भट्टाचार्य ने कहा, “उन्हें समझना चाहिए कि यह देश बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की भूमि है, किसी तानाशाह की नहीं.” प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एस आर भट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर झारखंड सरकार और सोरेन की अलग-अलग याचिकाओं पर 17 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

उच्चतम न्यायालय ने खनन पट्टा मामले की जांच संबंधी जनहित याचिकाओं को सुनवाई योग्य बताने वाले उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं राज्य सरकार की याचिकाओं को सोमवार को स्वीकार कर लिया. इससे पहले, शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय को खनन पट्टा मामले में सोरेन के खिलाफ जांच का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर कार्यवाही करने से रोक दिया था.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस साल फरवरी में दावा किया था कि सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग किया और खुद को एक खनन पट्टे से फायदा पहुंचाया. उन्होंने आरोप लगाया था कि इस मुद्दे में हितों  का टकराव और भ्रष्टाचार, दोनों शामिल हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu