अदालतों ने 42 बार फैसला सुनाया कि ईवीएम हैक नहीं किए जा सकते, आरोप पूरी तरह निराधार: राजीव कुमार

मुफ्त वाली योजनाओं को परिभाषित करना मुश्किल, स्वीकार्य और कानूनी जवाब समय की मांग: राजीव कुमार

नयी दिल्ली. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ के विपक्षी दलों के दावों को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि अदालतों ने 42 बार फैसला सुनाया है कि चुनावी मशीनें हैक नहीं की जा सकतीं और छेड़छाड़ के आरोप पूरी तरह निराधार हैं.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कुमार ने जनता को ‘झूठ के गुब्बारे’ फैलाने वालों से बचने की सलाह दी.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ”ईवीएम मतदान के दिन से केवल सात से आठ दिन पहले चालू की जाती हैं और उम्मीदवारों को हर कदम पर उनके एजेंटों के माध्यम से सूचित किया जाता है. अदालतों ने 42 मौकों पर फैसला सुनाया है कि ईवीएम हैक नहीं किए जा सकते … मशीनों के साथ छेड़छाड़ के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं.”

उन्होंने दोहराया कि मतदान के आंकड़ों को बदलना असंभव है और शाम 5 बजे के बाद मतदान में वृद्धि के बारे में गलत धारणा फैलाई जा रही है. उन्होंने कहा, ”गलत धारणाओं का पर्दाफाश करना हमारा मुख्य काम है, विस्तृत दिशानिर्देश और डेटासेट हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं.”

सेवानिवृत्ति के बाद कुछ महीने हिमालय पर ‘एकांतवास’ व ‘स्वाध्याय’ करूंगा : सीईसी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि वह अगले महीने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद मन की शांति के लिये कुछ महीने हिमालय में एकांतवास में बिताएंगे. दिल्ली विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम घोषणा के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं को साझा किया.

कुमार ने कहा कि वह अगले चार-पांच महीने मन की शांति के लिये, सुदूर हिमालय में जाएंगे, सभी चकाचौंध से दूर रहेंगे. उन्होंने कहा, ह्लमुझे कुछ एकांत और स्वाध्याय की जरूरत है.” वह 18 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. बिहार/झारखंड कैडर के 1984 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार ने वंचित तबकों के बच्चों को पढ़ाने की व्यक्तिगत आकांक्षा का भी उल्लेख किया. कुमार ने कहा कि उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई नगर निकाय द्वारा संचालित स्कूल में की, जहां कक्षाएं एक पेड़ के नीचे संचालित की जाती थीं.

उन्होंने कहा, ”मैंने छठी कक्षा में ‘एबीसीडी’ सीखना शुरू किया था. हम एक स्लेट लेकर एक पेड़ के नीचे पढ़ने के लिए बैठ जाते थे. मैं उन जड़ों तक वापस जाना चाहता हूं और ऐसे बच्चों को पढ़ाना चाहता हूं.” अपने शायराना अंदाज के लिए मशहूर कुमार ने बतौर सीईसी अपनी आखिरी प्रेस वार्ता में भी अपने इस अंदाज का परिचय दिया. उन्होंने आयोग पर लगने वाले आरोपों के जवाब में कहा, ”आरोप और इल्ज.ामात का दौर चले कोई गिला नहीं, झूठ के गुब्बारों को बुलंदी मिले, कोई शिकवा नहीं, हर परिणाम में प्रमाण देते हैं पर वो बिना सबूत शक की नई दुनिया रौनक करते हैं.”

बिधूड़ी की टिप्पणी पर सीईसी ने कहा: महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी शर्मनाक, भर्त्सना की जानी चाहिए

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रमेश बिधूड़ी द्वारा की गई विवादित टिप्पणी को लेकर मंगलवार को कहा कि महिलाओं के बारे में ‘गंदी टिप्पणियां’ नहीं होनी चाहिए और यदि कोई यह करता है, तो वह शर्मनाक है तथा उसकी भर्त्सना की जानी चाहिए. उन्होंने आगाह किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में यदि किसी ने महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए हद पार की, तो मामला दर्ज कराया जाएगा. कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार बिधूड़ी ने पिछले दिनों कहा था कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस नेता ‘प्रियंका गांधी के गालों’ जैसी सड़कें बनवाएंगे. विवाद खड़ा होने के बाद बिधूड़ी ने खेद जताया.

बिधूड़ी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर राजीव कुमार ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ”महिलाओं के विषय में कोई गलत बात बोले, उसकी जितनी भर्त्सना की जा सके, उतनी की जानी चाहिए. सभी को मिलकर भर्त्सना करनी चाहिए. हमने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. गंदी टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए.” उन्होंने कहा, ”मैं आगाह कर रहा हूं कि अगर हद पार करेंगे, बच्चों का उपयोग करेंगे, महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी करेंगे, तो हम अनुमति नहीं देंगे…माताओं और बहनों के बारे में ऐसे बोलेंगे, तो यह शर्मनाक है. अगर आप हद पार करेंगे, तो हम मामला दर्ज कराएंगे.”

जल्द ही 100 करोड़ मतदाताओं वाला देश बन जाएगा भारत: मुख्य निर्वाचन आयुक्त

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि भारत जल्द ही एक अरब से अधिक मतदाताओं वाला देश होने का नया रिकॉर्ड बनाएगा. उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए तिथि की घोषणा करने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह भी बताया कि वर्ष 2024 विश्व स्तर पर चुनावों का वर्ष था जब लोकतंत्र में दुनिया की दो-तिहाई आबादी ने विभिन्न चुनावों में मतदान किया.

सीईसी ने कहा, ”हमारे यहां आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भी चुनाव थे. अच्छा माहौल था, लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत, लोगों की भागीदारी, महिलाओं की भागीदारी के मामले में नए रिकॉर्ड बनाए गए.” कुमार ने कहा, ”मतदाता सूची कल जारी की गई. हम 99 करोड़ मतदाताओं को पार कर रहे हैं… हम बहुत जल्द एक अरब मतदाताओं का देश बनने जा रहे हैं, जो मतदान में एक और रिकॉर्ड होगा.” उन्होंने यह भी बताया कि महिला मतदाताओं की संख्या भी लगभग 48 करोड़ होने वाली है.

राजनीतिक दल चुनाव के दौरान मर्यादा बनाए रखें, आयोग निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा: सीईसी कुमार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने मंगलवार को राजनीतिक दलों से चुनाव के दौरान मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया और कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग नजर रखेगा.
उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तिथि की घोषणा करने के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चुनाव धनबल से मुक्त हो.

कुमार का कहना था, ”हाल के चुनावों के दौरान, इस बात पर हंगामा हुआ था कि कुछ हेलीकॉप्टरों की जांच की गई. लोग मतदान अधिकारियों को धमकी देने पर भी उतर आए थे, लेकिन हम खुद को नियंत्रित रखते हैं क्योंकि यदि हमने कुछ कहा तो इससे समान अवसर की स्थिति पर असर पड़ेगा.” उन्होंने कहा, ”स्टार प्रचारक और राजनीतिक अभियान में शामिल लोग यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं कि शिष्टाचार का पालन किया जाए…इस बार हम बहुत कठोर होंगे. स्टार प्रचारकों को इस तरह से कार्य नहीं करना चाहिए जो आम मतदाताओं को हतोत्साहित करता हो.” कुमार ने यह भी कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी टिप्पणी को लेकर आयोग का रुख सख्त होगा.

उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट और निर्वाचन अधिकारी निष्पक्ष स्थिति और प्रत्येक उम्मीदवार के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेंगे. कुमार ने कहा, ”हम राजनीतिक दलों से भी अनुरोध करेंगे कि वे अधिकारियों पर अनुचित दबाव न बनाएं.” उन्होंने कहा कि पार्टियां लिखित में कोई भी स्पष्टीकरण मांग सकती हैं.

चुनाव नियमों में हालिया संशोधन मतदाताओं की निजता की रक्षा के लिए: सीईसी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मतदान केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक निरीक्षण से प्रतिबंधित करने वाले चुनाव नियमों में हालिया संशोधन का मंगलवार को बचाव करते हुए कहा कि यह मतदाताओं की निजता की रक्षा करने और डेटा के दुरुपयोग के जरिए फर्जी विमर्श गढ.ने के प्रयासों को रोकने के लिए है.

निर्वाचन आयोग की सिफारिश के आधार पर सरकार ने पिछले महीने एक चुनाव नियम में बदलाव किया था ताकि मतदान केंद्रों के सीसीटीवी कैमरा फुटेज जैसे कुछ इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज का सार्वजनिक निरीक्षण रोका जा सके ताकि कोई इनका दुरुपयोग ना कर सके. चुनाव आचार संहिता 1961 में बदलाव पर अपनी पहली टिप्पणी में कुमार ने कहा कि मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर से केवल सीसीटीवी फुटेज साझा करने पर रोक लगाई गई है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के लिए यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के डेटा या फुटेज को 2024 में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के माध्यम से सार्वजनिक निरीक्षण के लिए प्रतिबंधित किया गया था. उन्होंने कहा कि चुनाव संचालन के नियम 93 के तहत जिन दस्तावेज की अनुमति है, वे उपलब्ध रहेंगे. कुछ दस्तावेज जिन्हें साझा करने पर पहले से ही पाबंदी है, वे चुनाव अधिकारियों द्वारा भरे गए फॉर्म होते हैं, जिनमें मतदाता का नाम और मतदान से पहले उनके द्वारा दिखाई गई पहचान का उल्लेख होता है.

कुमार ने कहा कि मतदाताओं की पहचान के साथ-साथ उनकी विस्तृत जानकारी की रक्षा के लिए नियमों में संशोधन किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर फुटेज सार्वजनिक किया जाता है तो मतदान करने वालों और नहीं करने वालों की पहचान उजागर की जाएगी और यह निजता के नियमों का उल्लंघन है.

मुफ्त वाली योजनाओं को परिभाषित करना मुश्किल, स्वीकार्य और कानूनी जवाब समय की मांग: राजीव कुमार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि यह परिभाषित करना बहुत मुश्किल है कि ‘मुफ्त उपहार योजनाएं’ (फ्रीबीज) क्या हैं और इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग के ‘हाथ बंधे हुए हैं’ क्योंकि यह मामला अदालत के विचाराधीन है. उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे का ‘स्वीकार्य और कानूनी जवाब’ ढूंढे जाएं.

कुमार दिल्ली में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त सौगातों की घोषणा किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है. इसके साथ ही उन्होंने अदालत के एक फैसले का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि मुफ्त उपहारों को ह्लअस्वीकृतह्व नहीं किया गया है.

कुमार ने कहा, ह्लमेरे लिए जो मुफ्त सौगात है वह किसी और के लिए एक पात्रता हो सकती है … यह परिभाषित करना बहुत मुश्किल है कि मुफ्त सौगात क्या है.ह्व उन्होंने हालांकि कहा कि इस तरह की घोषणाएं करते समय लोगों को राज्य की राजकोषीय स्थिति के बारे में भी पता होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”यह देखना जरूरी है कि किसी राज्य की वित्तीय स्थिति क्या है… ऋण और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुपात क्या है? आप उस वादे को पूरा करने के लिए कितना उधार लेंगे? इस वादे की वित्तीय लागत कितनी है?” उन्होंने कहा, ”… हम भावी पीढि.यों के भविष्य को दांव पर नहीं रख सकते, यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है.” उन्होंने कहा, ”अब समय आ गया है कि स्वीकार्य और कानूनी जवाब ढूंढे जाएं लेकिन फिलहाल हमारे हाथ बंधे हुए हैं क्योंकि मामला अदालत के विचाराधीन है.ह्व निर्वाचन आयोग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता में संशोधन का प्रस्ताव किया है ताकि चुनाव आचार संहिता के आठवें भाग (चुनाव घोषणापत्र संबंधी दिशानिर्देश) में एक प्रोफार्मा जोड़ा जा सके.

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