
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने सोमवार को विश्वविद्यालयीन सामान्य प्रवेश परीक्षा-पीजी (सीयूईटी) के परिणाम घोषित कर दिये, जिसके लिये 6.07 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था. अधिकारियों ने यह जानकारी दी . एनटीए की वरिष्ठ निदेशक (परीक्षा) साधना पाराशर ने कहा, ‘‘ परीक्षा परिणाम घोषित हो गए हैं.’’ वहीं, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने बताया कि पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विश्वविद्यालयीन सामान्य प्रवेश परीक्षा के अंकों का सामान्यीकरण नहीं किया गया .
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्रातकोत्तर स्तर पर दाखिला के लिए ‘मूल अंकों’ के आधार पर रैंक सूची तैयार करेंगे, न कि एनटीए के अंकों के आधार पर. सीयूईटी-पीजी में अंकों का सामान्यीकरण नहीं करने के पीछे के कारणों के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि पीजी परीक्षा अधिकांश विषयों में एक पाली में ली गई थी, जबकि स्रातक (यूजी) की परीक्षा विभिन्न पालियों में ली गई थी.
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करने के लिये यूजी स्तर पर परीक्षा के अंकों का सामान्यीकरण किया गया.
सीयूईटी-पीजी के लिये पंजीकृत उम्मीदवारों में 3.02 लाख महिलाएं और शेष पुरुष थे. एनटीए ने सीयूईटी-पीजी के लिये विषयवार टॉपर की घोषणा की है.
यूजीसी ने रविवार को सीयूईटी चुनने वाले विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखकर कहा था कि वे नामांकन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. यूजीसी ने इन विश्वविद्यालयों से कहा था कि आपसे वेबसाइट, पोर्टल सहित दाखिला प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिये जरूरी तैयारी करने का आग्रह किया जाता है, ताकि पीजी पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया समय पर प्रारंभ की जा सके. विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक 3.5 लाख आवेदन बीएचयू को प्राप्त हुए और इसके बाद जेएनयू को 2.3 लाख आवेदन मिले.



