
नयी दिल्ली/कोलकाता. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने सोमवार को कहा कि चुनाव बाद की हिंसा टालने की कोशिश के तहत निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता की अवधि समाप्त होने के बाद भी कुछ राज्यों में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का पहली बार फैसला किया है.
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का मानना ??है कि चुनाव के बाद कोई हिंसा नहीं होगी लेकिन फिर भी किसी भी तरह की हिंसा को टालने के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रावधान मंगलवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना के साथ हटाए जाने के बाद भी पहली बार केंद्रीय बलों को तैनात रखने का निर्णय लिया गया है.
सीईसी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन राज्यों में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रहेगी, उनमें आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और मणिपुर शामिल हैं. उन्होंने कहा, ”जहां भी हमें (हिंसा की) आशंका है.” सूत्रों ने शनिवार को कहा था कि राज्यों के साथ-साथ केंद्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा उपलब्ध कराए गए आकलन के आधार पर आयोग ने किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए चार जून को होने वाली मतगणना के दिन से आगे के समय के लिए भी विभिन्न राज्यों को केंद्रीय बल मुहैया कराए हैं.
आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को चार जून के बाद 15 दिन के लिए सुरक्षा बल उपलब्ध कराए गए हैं. सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को मतगणना के दिन के बाद दो दिन के लिए सुरक्षा बल उपलब्ध कराए गए हैं. लोकसभा चुनाव के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी हुए हैं. सिक्किम और अरुणाचल विधानसभा चुनावों की मतगणना दो जून को हुई थी.
‘इंडिया’ गठबंधन के नेता चुनाव नतीजों के बाद बैठक करेंगे: कांग्रेस
कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों के नेता लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद इस संबंध में बैठक करेंगे. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह जानकारी देने के साथ ही उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि चुनाव परिणाम के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता बैठक कर आकलन करेंगे तथा राष्ट्रपति से मिलने के अलावा संवादददाता सम्मेलन को संबोधित करने या विरोध प्रदर्शन करने समेत कई विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं.
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”परिणाम घोषित होने के बाद जाहिर तौर पर ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता मिलेंगे. इसका जो भी अन्य अर्थ लगाया जा रहा है वो पूरी तरह से भ्रामक और गलत है.” मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे आरंभ होगी.
अधिकतर ‘एग्जिट पोल’ में लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड बहुमत मिलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है. अधिकतर सर्वेक्षणों में राजग को 350 से अधिक सीट मिलने की संभावना जताई गई है. अगर असल परिणाम भी एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक रहते हैं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार बड़े बहुमत के साथ सत्ता संभालेंगे.
कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटक दलों ने एग्जिट पोल को खारिज कर दिया और दावा किया कि विपक्षी गठबंधन अगली सरकार बनाएगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा था, ”इसे एग्जिट पोल नहीं कहा जाता है बल्कि इसका नाम ‘मोदी मीडिया पोल’ है. यह मोदी जी का पोल है, यह उनका ‘फैंटेसी पोल’ है.” कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि ‘इंडिया’ गठबंधन 295 से अधिक सीटें जीतेगा और सरकार बनाएगा.
जिलाधिकारियों को प्रभावित करने के दावे की पुष्टि के लिए रमेश को अतिरिक्त समय देने से आयोग का इंकार
निर्वाचन आयोग ने सोमवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश को उनके इस दावे की पुष्टि के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया कि लोकसभा चुनाव के लिए चार जून की मतगणना से पहले 150 जिलाधिकारियों और कलेक्टरों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था. रमेश को निर्वाचन आयोग ने रविवार शाम तक उन आरोपों का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा था, जो उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए थे.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सोमवार को आयोग को पत्र लिखकर अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का और समय मांगा.
रमेश को लिखे पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा, ”आयोग समय बढ़ाने के आपके अनुरोध को सिरे से खारिज करता है और आपको निर्देश देता है कि आप तथ्यात्मक आरोपों के साथ आज-तीन जून शाम सात बजे तक जवाब दाखिल करें. ऐसा करने में विफल रहने पर यह मान लिया जाएगा कि आपके पास इस मामले में कहने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है और आयोग उचित कार्रवाई के लिए आगे बढ़ेगा.” निर्वाचन आयोग ने कहा कि उनके इस आरोप का मंगलवार को होने वाली मतगणना प्रक्रिया की शुचिता पर सीधा असर पड़ता है.
क्या स्वामी विवेकानंद के एकता व सद्भावना के आदर्शों में यकीन रखते हैं मोदी : अधीर
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए एकता एवं सद्भावना के आदर्शों में यकीन रखते हैं. कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल में मोदी के 45 घंटे की ध्यान साधना पूरी करने के दो दिन बाद चौधरी की यह टिप्पणी आई. कांग्रेस नेता ने अपने बरहमपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक प्रेस वार्ता में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने एकता, सद्भावना और प्रेम की भावना को रेखांकित किया था.
उन्होंने कहा, ”स्वामी जी ने हमें एक-दूसरे की मदद करने की, न कि लड़ने की; समावेश करने की, न कि नष्ट करने की शिक्षा दी थी. मैं नहीं जानता कि मोदी इन आदर्शों में यकीन रखते हैं या नहीं.” लोकसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) गठबंधन के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि गठजोड़ ”निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेगा.” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनकी पार्टी मुर्शिदाबाद जिले में सभी तीन सीट जीतेगी और मालदा दक्षिण, रायगंज, बीरभूम तथा पुरुलिया में भी उसके जीतने की प्रबल संभावना है.
उन्होंने कहा, ”यदि आप मुझसे (कांग्रेस के सहयोगी) वाम मोर्चा के बारे में पूछें तो वे दमदम और कोलकाता में भी अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहे हैं.” यह पूछे जाने पर कि वह राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन को कितनी सीट मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, चौधरी ने कहा, ”हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व ने पहले ही यह आंकड़ा 295 या इससे अधिक बताया है. इसमें मैं और क्या जोड़ सकता हूं?”
उन्होंने कहा कि चुनाव बाद की हिंसा के सिलसिले में कांग्रेस दिल्ली में निर्वाचन आयोग से संपर्क करेगी, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या यह (हिंसा) पश्चिम बंगाल से जुड़ी है. ‘एग्जिट पोल’ के बाद शेयर बाजार में उछाल आने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि शेयर की कीमतों में उतार-चढ.ाव पूरी तरह से अटकलों पर आधारित होता है, जिसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा, ”कुछ लोग जानबूझकर अधिक आर्थिक लाभ के लिए ऐसा करते हैं. हो सकता है कि कुछ खेमों से उनके संबंध हों.”



