
नयी दिल्ली/हजारीबाग. दिल्ली पुलिस ने बाहरी दिल्ली में 92 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. मंगोलपुरी रेलवे लाइन के पास नौ जून को एक विशेष अभियान के दौरान 31 पुरुषों, 22 महिलाओं, 24 नाबालिग लड़कों और 15 नाबालिग लड़कियों सहित कुल 92 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई जिसमें बताया गया था कि अवैध अप्रवासियों का एक समूह क्षेत्र छोड़ने की तैयारी कर रहा है.
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने बताया, ह्लजैसे ही पुलिस टीम रेलवे लाइन के पास पहुंची तो उसने देखा कि तीन से चार अलग-अलग समूह ट्रेन पकड़ने के लिए तैयार खड़े हैं, जिनके पास सामान भी है. पुलिस को देखकर बांग्लादेशी नागरिक तितर-बितर होने लगे, लेकिन अधिकारियों ने तुरंत उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया.” शर्मा ने बताया कि इनमें से कोई भी वैध यात्रा या पहचान दस्तावेज नहीं दिखा सका. जांच में पाया गया कि इनके पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी. उन्होंने बताया कि विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समन्वय से निर्वासन की कार्यवाही शुरू की गई है.
अधिकारी ने बताया कि संदेह है कि अधिकतर लोग बेहतर आजीविका के अवसरों की तलाश में भारत में आये थे तथा निजी क्षेत्र में या मजदूर के रूप में काम कर रहे थे. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने बताया कि इस साल अब तक हिरासत में लिए गए 242 बांग्लादेशी नागरिकों में से 86 को मुंडका पुलिस ने टिकरी बॉर्डर के आसपास के इलाकों से, पांच को रनहौला पुलिस ने नाला रोड से और 151 को विदेशी प्रकोष्ठ ने पीरागढ.ी कैंप, मंगोलपुरी, निहाल विहार और सुल्तानपुरी से पकड़ा है. इसके अतिरिक्त, मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार इलाके में तीन नाबालिगों समेत पांच बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया.
झारखंड: हिरासत शिविर से भागे तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
झारखंड के हजारीबाग में विदेशियों को रखने के लिये बनाए गए शिविर से भागे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि हिरासत शिविर से भागे एक बांग्लादेशी नागरिक को धनबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य को बांग्लादेश-पश्चिम बंगाल सीमा के पास बोंगांव से गिरफ्तार किया गया. बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान रीना खान, निफा अख्तर उर्फ खुशी और मोहम्मद नजमुल हलधर के रूप में हुई है. तीनों सोमवार सुबह शिविर से भाग गए थे.
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने संवाददाताओं को बताया, “घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और उसने उन्हें पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की. हमने पश्चिम बंगाल पुलिस की भी मदद ली और बोंगांव में दो महिला बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने में सफल रहे.” उन्होंने बताया कि एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक हलधर को धनबाद रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया. वह ट्रेन से कोलकाता भागने की कोशिश कर रहा था.



