
नयी दिल्ली. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी (आप) के उन दावों को मंगलवार को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि शिक्षकों को आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों के निपटारे का काम सौंपा गया है. सूद ने कहा कि आवारा कुत्तों से संबंधित मामलों में विद्यालय शिक्षकों को कोई विशेष भूमिका नहीं दी गई है. उन्होंने विपक्षी पार्टी पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया.
हालांकि, आप के विधायक संजीव झा ने कहा कि सूद या तो ”अपने विभाग में क्या हो रहा है, उससे अनजान हैं, या वे झूठ फैला रहे हैं”.
दिल्ली सचिवालय में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सोशल मीडिया पर झूठे दावे किए हैं कि शिक्षकों को उनकी शैक्षणिक जिम्मेदारियों से हटाकर आवारा कुत्तों की गिनती करने के काम में लगाया जा रहा है.
उन्होंने आप को चुनौती दी कि अगर कोई आधिकारिक दस्तावेज है तो उसे सार्वजनिक करे.
सूद ने कहा कि शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के विद्यालयों को उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है, लेकिन शिक्षकों को कोई विशेष जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है.
शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए, सूद ने कहा कि विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शिक्षकों को आवारा कुत्तों से संबंधित कोई भी काम सौंपने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं. शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि आप हाल के दिनों में भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से इसी तरह के कई दावे करती रही है, जिनमें तहसीलदारों और उप-पंजीयकों के निलंबन से संबंधित आरोप भी शामिल हैं.
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) से संबंधित मुद्दों पर सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने जानबूझकर भ्रम फैलाया है, जबकि 2022 की शुरुआत में ही बोर्ड के माध्यम से लगभग 16,000 अ्भ्यियथयों का चयन किया जा चुका था. मंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता ने शिक्षा और शासन को लेकर आम आदमी पार्टी के दावों को खारिज कर दिया है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार जनहित में काम कर रही है. हालांकि, झा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दिल्ली की शिक्षा प्रणाली को संभालने में सक्षम नहीं है.



