दिल्ली शराब घोटाला: ईडी का दावा- विनोद चौहान गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए रुपए को हैंडल कर रहे थे

नई दिल्ली: दिल्ली शराब घोटाला और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी वकील विनोद चौहान और अरविंद केजरीवाल के बीच संबंध पर ईडी ने कई दावे किए हैं. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर सुनवाई शुरू की.

इस दौरान ईडी ने कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल और मामले में आरोपी विनोद चौहान के बीच हुए डायरेक्ट मैसेज के सबूत मिले हैं. ईडी ने दावा किया कि भेजे गए मैसेज में जजों से मिलने का भी जिक्र है. ईडी का कहना है कि विनोद चौहान गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए रुपए को हैंडल कर रहे थे.

ईडी ने विनोद चौहान पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कथित तौर पर गोवा चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) को रिश्वत पहुंचाई थी. जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपी के पास से 1.06 करोड़ रुपये कैश जब्त किए गए थे. ईडी ने कोर्ट में यह भी दावा किया था कि विनोद चौहान को पता था कि ये पैसा दिल्ली शराब घोटाले से अपराध की आय है.

आरोपी ने गोवा चुनावों के लिए हवाला के माध्यम से यह पैसा पहुंचाया था. ईडी की तरफ से दायर चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को हुई बहस में ईडी ने आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल को मुख्य आरोपी बनाया है. ईडी के वकील का कहना है कि मामले में AAP और अरविंद केजरीवाल दोनों जुड़े हुए हैं.

कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट को लेकर सवाल किया कि आम आदमी पार्टी किस तरह से कंपनी की परिभाषा में आती है. इस पर ईडी के वकील का कहना है कि इस्तेमाल किया गया शब्द ‘व्यक्तियों का संघ’ है. राजनीतिक दल एक संस्था है, व्यक्तियों का एक संघ है. कई फैसलों में कहा गया है कि इस तरह का संघ बनाना अनुच्छेद 19(1) सी के तहत मिले अधिकार से जुड़ा है.

ईडी ने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली उत्पाद शुल्क घोटाले के सरगना और मुख्य साजिशकर्ता है, जिसमें AAP नेता और अन्य व्यक्तियों के नाम शामिल हैं. आम आदमी पार्टी चुनाव अभियान के लिए पैसे का इस्तेमाल करने सहित कई आपराधिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल है.’

सुनवाई के दौरान ईडी ने विजय नायर का जिक्र करते हुए कहा कि उनका उत्पाद विभाग से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन वह यह कहते फिर रहे थे कि वह आम आदमी पार्टी के लिए फंड के बदले में अनुकूल प्रावधान हासिल कर सकते हैं.

ईडी के वकील ने कोर्ट में बताया कि विजय नायर सीएम आवास के पास बंगले में रह रहे थे. ईडी के वकील ने इस दौरान अक्षय मलहोत्रा का बयान भी पढ़ा, जो पुष्टि करता है कि नायर सीधे केजरीवाल को रिपोर्ट कर रहे थे. इसके बाद ईडी के वकील ने समीर महेंद्रू के बयान का भी जिक्र किया, जो नायर और केजरीवाल के बीच संबंध की भी पुष्टि करता है. ईडी ने कहा कि नायर हमेशा सीएम आवास पर पाए जाते थे. उन्होंने दिल्ली सरकार के लिए व्यक्तियों से कोई व्यावसायिक मुलाकात नहीं की थी.

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