बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 04 May 2025 07:49 PM
बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू
ऑडियो सुनें

बदरीनाथ. उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट र्सिदयों में छह माह बंद रहने के बाद रविवार पुन: श्रद्धालुओं के लिए खोलने के साथ ही पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह छह बजे चमोली जिले में स्थित मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए.

इस मौके पर मंदिर परिसर में देश-विदेश के करीब 15 हजार श्रद्धालाओं के साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट तथा टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय भी मौजूद थे. कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री ने पहली महाभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की और देश व राज्य की सुख समृद्धि की कामना की.

मुख्यमंत्री ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया तथा उनसे यात्रा के लिए की गयी व्यवस्थाओं के बारे में राय जानी.
कपाट खुलने के दौरान पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों व सेना के बैंड की मधुर धुन और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं के ‘जय बदरी विशाल’ के जयकारों से भक्तिरस से सराबोर हो उठा.

इस अवसर पर मंदिर को लगभग 15 टन रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए. मंदिर प्रांगण में माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने झुमैलो नृत्य किया. अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन कीर्तन गाए और हेलीकॉप्टर से मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा भी की गयी जो करीब 10 मिनट तक होती रही. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं. उन्होंने श्रद्धालुओं से हरित और स्वच्छ चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का आग्रह भी किया.

इससे पहले, परंपरानुसार सुबह बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल, धर्माधिकारी व वेदपाठियों द्वारा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई और फिर विधि विधान से माता लक्ष्मी को गर्भ गृह से निकालकर मंदिर की परिक्रमा करा लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया गया. इसके बाद भगवान कुबेर जी व उद्धव जी को बदरी विशाल मंदिर के गर्भ गृह में विराजित किया गया.

तत्पश्चात् भगवान बदरी विशाल की चतुर्भुज मूर्ति से घृत कंबल को अलग कर उनका विधिवत अभिषेक (स्नान) करवाया गया और आकर्षक श्रृंगार किया गया. मुख्य मंदिर के साथ ही बदरीनाथ धाम मंदिर परिक्रमा स्थित गणेश, घंटाकर्ण, आदि केदारेश्वर, आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर व माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी इस यात्रा हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं.

मान्यताओं के अनुसार, वर्ष में छह माह (ग्रीष्मकालीन) मनुष्य भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, जबकि बाकी के छह माह (शीतकालीन) यहां देवता स्वयं भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, जिसमें मुख्य पुजारी देर्विष नारद होते हैं. अधिकारियों ने यहां बताया कि स्थानीय प्रशासन ने धाम की यात्रा को सुरक्षित एवं निर्बाध बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं.

प्रशासन ने दर्शन के लिए पहुंचे सभी श्रद्धालुओं से व्यवस्थित रूप से कतारबद्ध रहकर शांतिपूर्ण ढंग से श्रीहरि के दर्शन करने की अपील की है. बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस साल की चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू हो गयी है. उत्तराखंड के चार धामों में शामिल तीन अन्य धाम-गंगोत्री, यमुनोत्री तथा केदारनाथ पहले ही खुल चुके हैं.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu