त्रिपुरा में शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा समारोह शुरू हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शुक्रवार को महाषष्ठी के अवसर पर उत्सव शुरू होने के साथ ही लोग राज्य में दुर्गा पूजा के पंडालों में पहुंचने लगे। इनमें कुंजबन स्पोर्टिंग यूनियन, ऐकातन युवा संस्था, शिवनगर मॉडर्न क्लब, अमरा तरुण दल, देशबंधु चित्तरंजन क्लब और नेताजी प्ले सेंटर शामिल हैं।
पश्चिम त्रिपुरा जिले में दुर्गा पूजा के दौरान 17 से 21 अक्टूबर तक शुष्क दिवस घोषित किए गए हैं। राज्य की राजधानी अगरतला इसी जिले का हिस्सा है। राज्य में कुल 2,965 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए हैं, जो पिछले साल के 2,928 पंडालों की तुलना में थोड़े अधिक हैं। पुलिस प्रवक्ता राजदीप देब ने कहा, “कुल 11,348 सुरक्षार्किमयों को तैनात किया गया है, जिनमें त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के 4,850 जवान शामिल हैं। वे 25 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा तक ड्यूटी पर रहेंगे।” अधिकारियों ने बताया कि इस साल राज्य के शहरी क्षेत्रों में 995 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1,970 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 181 पुलिस सहायता बूथ, 169 निगरानी टावर और 256 यातायात सहायता बूथ बनाए गए हैं।
कुंजबन स्पोर्टिंग यूनियन की दुर्गा पूजा का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया। पूजा पंडाल टूटे हुए कांच के टुकड़ों और रंग-बिरंगी रोशनियों से बनाया गया है।
इस बीच, पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट ने एक अधिसूचना जारी कर दुर्गा पूजा के दौरान 17 से 21 अक्टूबर तक शुष्क दिवस घोषित किए हैं। उन्होंने कहा, “त्रिपुरा आबकारी नियम, 1990 के नियम 174-ए (ई) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, पश्चिम त्रिपुरा जिले की सभी विदेशी शराब की दुकानें, देशी शराब की दुकानें और लाइसेंस प्राप्त बार उत्सव के दौरान शुष्क दिवस के लिए 17 से 21 अक्टूबर तक बंद रहेंगे।”