विपक्षी दलों के वंशवादी नेतृत्व के ‘राजशाही’ तौर तरीकों का संवैधानिक मूल्यों के साथ टकराव : नड्डा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 26 May 2023 08:34 PM
विपक्षी दलों के वंशवादी नेतृत्व के ‘राजशाही’ तौर तरीकों का संवैधानिक मूल्यों के साथ टकराव : नड्डा
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने नये संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के फैसले को लेकर शुक्रवार को विपक्षी दलों की आलोचना की और कहा कि जो चीज विपक्ष को जोड़ती है वह उनका वंशवादी नेतृत्व है जिसके ”राजशाही” तरीके संविधान के सिद्धांतों के साथ टकरा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन दलों को आत्ममंथन करना चाहिए.

उन्होंने ट्वीट किया कि उद्घाटन का बहिष्कार करने वाली पार्टियों में लोकतंत्र के प्रति कोई प्रतिबद्धता नहीं है क्योंकि उनका एकमात्र उद्देश्य परिवारवादियों के एक चुनिंदा समूह को बनाए रखना है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कांग्रेस पर हमला बोला.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश की आलोचना करते हुए जोशी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी को ‘भारतीय’ मूल्य और संस्कृति को बदनाम करने की आदत है. आज जब दुनिया भारत की समृद्ध परंपराओं पर ध्यान दे रही है, कांग्रेस पार्टी भारत और उसकी विरासत का अपमान करने के लिए नए तरीके खोजने की कोशिश कर रही है. ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी अभी भी औपनिवेशिक खुमारी में है.” रमेश ने कहा था कि इस बात का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है कि सी राजगोपालाचारी और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं ने ‘सेंगोल’ को अंग्रेजों द्वारा भारत में सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक बताया था.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर प्राचीन तमिल साम्राज्य के एक औपचारिक राजदंड ‘सेंगोल’ को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के करीब स्थापित किया जाएगा. करीब 20 विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह के बहिष्कार की घोषणा की है. प्रसाद ने कहा कि विपक्ष मोदी से जुड़ी किसी भी चीज का बहिष्कार करने पर आमादा रहता है.

उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को कितना सम्मान दिया? क्या वे नए संसद भवन के शिलान्यास समारोह में शामिल हुए थे? क्या उन्होंने गुजरात में सरदार पटेल की प्रतिमा को श्रद्धांजलि दी? नहीं. उन्हें इसका विरोध करना है क्योंकि मोदी इसे कर रहे हैं.” नड्डा ने कहा, ”ये वंशवादी पार्टियां, विशेष रूप से कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार, इस साधारण तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि भारत के लोगों ने एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति में अपना विश्वास रखा है.”

उन्होंने कहा, “नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने वाले ज्यादातर दलों को क्या जोड़ता है? इसका सीधा सा जवाब है- वे वंशवाद द्वारा संचालित राजनीतिक दल हैं, जिनके राजशाही तरीके हमारे संविधान में गणतंत्रवाद और लोकतंत्र के सिद्धांतों के साथ टकराव में हैं.” भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि इन दलों को उनकी पक्षपातपूर्ण राजनीति के लिए लोगों द्वारा एक बार फिर दंडित किया जाएगा क्योंकि मतदाता देख रहे हैं कि ये पार्टियां कैसे राजनीति को राष्ट्र से ऊपर रख रही हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का सर्वांगीण, समावेशी विकास हो रहा: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के नौ साल की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का ‘सर्वांगीण और समावेशी विकास’ हुआ है. पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार के नौ साल समावेशी, प्रगतिशील और टिकाऊ विकास करने के लिए सर्मिपत रहे हैं.

राजग सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि भारत ने मोदी के नेतृत्व में ‘सर्वांगीण और समावेशी विकास’ देखा है. प्रधानमंत्री के तीन देशों की यात्रा से लौटने के बाद उनके भाषण का हवाला देते हुए नड्डा ने कहा कि राजग सरकार ने न केवल भारत की जड़ों को मजबूत किया है, बल्कि इसके विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया है.

इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. पार्टी ने कार्यक्रम में जारी एक पुस्तिका में कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के ये नौ साल समावेशी, प्रगतिशील और टिकाऊ विकास लाने के लिए सर्मिपत रहे हैं.” इसमें कहा गया है, ”विकास के लिए पहले के दृष्टिकोण के विपरीत मोदी सरकार समग्र विकास की संस्कृति लेकर आई है जो किसी को पीछे नहीं छोड़ती.” पुस्तिका में कहा गया है कि सरकार सभी नागरिकों के लिए समानता और अवसर पैदा करने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ. रही है.

पार्टी ने कहा कि पिछले नौ साल में जनधन, आधार और मोबाइल का इस्तेमाल कर सार्वजनिक सेवा वितरण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आमूलचूल बदलाव लाया गया है. इसमें कहा गया है कि मोदी सरकार ने पारर्दिशता सुनिश्चित करने और शासन में खामियों को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी और डिजिटल उपकरणों को प्रभावी ढंग से उपयोग किया है.

भाजपा ने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और आधार प्रमाणीकरण की शुरुआत से लाखों फर्जी लाभार्थियों को बाहर किया गया है और सरकार को काफी मात्रा में राशि की बचत हुई है. पुस्तिका में कहा गया है, ”2015 से 2022 के बीच सरकार ने डीबीटी के माध्यम से 2.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत की.” पार्टी ने कहा कि गवर्नमेंट-ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल सफलतापूर्वक भ्रष्टाचार को खत्म कर रहा है और देश में सार्वजनिक खरीद को सुव्यवस्थित कर रहा है.

मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को गिनाते हुए इसमें कहा गया है कि उनके क्रियान्वयन ने ‘हर भारतीय’ को सशक्त बनाया है. पार्टी ने कहा कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण प्रदान करने के मोदी सरकार के ‘ऐतिहासिक’ निर्णय ने ‘गरीब परिवारों को बहुत आवश्यक सहायता’ प्रदान की है.

भाजपा ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक परियोजनाओं, अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और कई अन्य परियोजनाओं उल्लेख किया और बताया कि भारत के सभ्यतागत इतिहास और संस्कृति को उचित मान्यता मिले, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

इसमें कहा गया है, ”यह सुनिश्चित करना कि भारत के समृद्ध सभ्यतागत इतिहास और इसकी संस्कृति को उपयुक्त मान्यता मिले, प्रधानमंत्री मोदी के लिए यह प्राथमिकता वाला क्षेत्र रहा है.” पार्टी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद से मोदी हर नीति निर्माण में ‘भारत प्रथम’ रखने के अपने संकल्प पर दृढ. रहे हैं. इसमें कहा गया है, ”यह संकल्प बाहरी और आंतरिक सुरक्षा, आर्थिक प्रबंधन, हाशिए पर पड़े समूहों के लिए सशक्तिकरण योजनाओं, सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयास आदि से संबंधित सरकार के तरीके में स्पष्ट है.”

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