नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि तीसरी तिमाही की विकास दर में और गिरावट आ सकती है.
मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सच से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए, बल्कि समाधान ढूंढना चाहिए.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘‘जैसे कि (सरकार को छोड़कर) उम्मीद की जा रही थी, जीडीपी वृद्धि दर दूसरी तिमाही में 13.5 प्रतिशत से घटकर 6.3 प्रतिशत हो गई. मुझे डर है कि तीसरी तिमाही में और गिरावट हो सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि कई बाहरी और आंतरिक कारक हैं, जो वृद्धि दर में गिरावट पैदा कर रहे हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्वीट किया, ‘‘दूसरी तिमाही की 6.3 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर पहली तिमाही की 13.5 प्रतिशत के मुकÞाबले आधे से भी कम है. जो ‘चरणचुम्बक’ पहली तिमाही के बाद पीठ ठोक रहे थे, जब हमने आगाह किया था – कहां हैं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘विनिर्माण में संकुचन – निवेश और नौकरी पर संकट है. मोदी जी – समाधान ढूंढिए, सच्चाई से मुंह मत मोड़िए.’’ देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 6.3 प्रतिशत रही.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जीडीपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष 2021-22 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.4 प्रतिशत रही थी.
जीडीपी से आशय देश की भौगोलिक सीमा में एक निश्चित समय अवधि में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य से है.
विश्लेषकों का अनुमान था कि दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही के 13.5 प्रतिशत के मुकाबले आधी रहेगी.