ईडी ने बैंक धोखाधड़ी मामले में आभूषण कंपनी के प्रवर्तकों और पूर्व सांसद के खिलाफ शिकायत दाखिल की

नागपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले के संबंध में यहां एक अदालत में पूर्व सांसद ईश्वरलाल जैन और उनके बेटे व पूर्व विधान पार्षद मनीष जैन सहित आभूषण की तीन कंपनियों तथा उनके प्रवर्तकों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) दाखिल की है।

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली नागपुर की एक विशेष अदालत में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 26 जुलाई को अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। ईडी ने सोमवार को एक बयान में बताया कि अदालत ने अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लिया है।

ईडी ने तीन आभूषण फर्मों ‘राजमल लखीचंद ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड’, ‘आर एल गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड’, ‘मनराज ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ और उनके प्रवर्तकों/निदेशकों/जमानतदारों, ईश्वरलाल जैन, मनीष जैन और अन्य के खिलाफ अभियोजन शिकायत दी है।

अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पूर्व कोषाध्यक्ष और राकांपा-शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार के करीबी सहयोगी ईश्वरलाल जैन राज्यसभा के पूर्व सदस्य रहे हैं जबकि उनके बेटे मनीष जैन महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे हैं।

ईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज तीन प्राथमिकियों के आधार पर जांच शुरू की। प्राथमिकी के अनुसार, आभूषण कंपनियां और उनके निदेशक/प्रवर्तक आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक कदाचार जैसे अपराधों में शामिल थे और उन्होंने जानबूझकर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से लिये ऋण का भुगतान नहीं किया, जिससे बैंक को 352.49 करोड़ रुपये (इस राशि पर ब्याज सहित) का नुकसान हुआ।

ईडी ने कहा कि जांच के अनुसार, प्रवर्तकों ने ऋण प्राप्त करने के लिए फर्जी वित्तीय विवरण प्रस्तुत किए और वित्तीय विवरण को बढ़ाने के लिए लेन-देन में हेरफेर भी की। साथ ही कंपनियों के लेखा परीक्षकों के साथ मिलीभगत कर रियल एस्टेट संपत्तियों में निवेश के लिए ऋण की आय को निकालने के लिए फर्मों के खातों की पुस्तकों में फर्जी बिक्री खरीद लेनदेन दर्ज कराये।

पिछले वर्ष ईडी ने राजमल लखीचंद समूह के महाराष्ट्र में जलगांव, नासिक और ठाणे समेत 13 आधिकारिक और आवासीय परिसरों पर छापे मारे थे। इस दौरान 24.36 करोड़ के सोना, चांदी, हीरे के आभूषण/सोना-चांदी व 1.21 करोड़ की नकदी जब्त की व अन्य अभियोजन योग्य कागजात बरामद किये थे।

ईडी ने पिछले वर्ष अक्टूबर में 315.60 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं।
केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि कुर्क संपत्तियों में जैन द्वारा अर्जित बेनामी संपत्तियां भी शामिल हैं।

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