संसद सत्र में दूसरे सप्ताह तवांग में चीनी अतिक्रमण का प्रयास, आर्थिक मुद्दे छाये रहे

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Sat, 17 Dec 2022 03:51 PM
संसद सत्र में दूसरे सप्ताह तवांग में चीनी अतिक्रमण का प्रयास, आर्थिक मुद्दे छाये रहे
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नयी दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र का दूसरा सप्ताह कामकाज के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण रहा, जिसमें दोनों सदनों में कई अहम विधेयक पारित किए गए, आर्थिक विषय और न्यायपालिका में नियुक्ति का मुद्दा भी उठा तथा अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर विपक्ष के तीखे तेवर के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ ंिसह ने दोनों सदनों में बयान दिया।

लोकसभा ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये के अनुदान की अनुपूरक मांगों और 2019-20 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों को मंजूरी दी। चर्चा में कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित कई विपक्षी दलों ने अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का कार्य अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है तथा बजटीय आवंटन एवं अर्थव्यवस्था को लेकर नरेंद्र मोदी नीत सरकार की दृष्टि ‘विफलता की कहानी को बयां करती है।’
वहीं, सरकार ने विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि कोरोना महामारी और इसके बाद की कठिन भू-राजनीतिक परिस्थिति से मुकाबला करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है तथा वह मंहगाई और राजकोषीय घाटे से निपटने सहित आर्थिक वृद्धि के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

पिछले सप्ताह ही समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता ंिडपल यादव ने लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। लोकसभा में तमिलनाडु की दो जनजातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में डालने के प्रावधान वाले ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी दी गई। इसमें तमिलनाडु की नारीकोरवन और कुरुविक्करन पहाड़ी जनजातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का प्रावधान है।

उसी सप्ताह निचले सदन ने संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी दे दी, जिसमें हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई।

मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ ंिसह ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर पहले लोकसभा में और फिर राज्यसभा में एक बयान दिया था। रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा था कि नौ दिसंबर 2022 को चीनी सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने का प्रयास किया। उन्होंने कहा था कि चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया और दोनों पक्षों में हुई झड़प में भारतीय पक्ष से किसी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई और कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।

राजनाथ ने कहा था कि भारतीय सेना ने बहादुरी से चीनी सैनिकों को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें उनकी चौकी पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। बुधवार को राज्यसभा ने नयी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र संशोधन विधेयक, 2022 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक में कंपनियों के बीच विवादों के समाधान के लिए देश में संस्थागत, निष्पक्ष और स्वायत्त केंद्र बनाने तथा उसे वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रीजीजू ने उच्च न्यायपालिका में नियुक्ति की प्रक्रिया में सरकार की अधिक भागीदारी की जरूरत बताई। राज्यसभा ने संविधान (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति) आदेश दूसरा संशोधन विधेयक, 2022 को भी मंजूरी दी, जो उत्तर प्रदेश के चार जिलों में गोंड समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने से संबंधित है।

पिछले सप्ताह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां बिहार में जहरीली शराब से 40 लोगों की मौत का मुद्दा उठाया, वहीं विपक्षी दलों ने प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के दुरुपयोग तथा न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया पर बहस की मांग की।

शुक्रवार को सदन में गैर-सरकारी कामकाज भी हुआ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रितेश पांडेय द्वारा ‘आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायकों के लिए कल्याणकारी कदम’ पर पेश संकल्प पर चर्चा पूरी हुई। चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के समय आंगनवाड़ी र्किमयों के लिए मानदेय 1,400 रुपये प्रति माह और मिनी आंगनवाड़ी व्यवस्था से जुड़ी र्किमयों के लिए 750 रुपये प्रति माह था, जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर क्रमश: 4,500 रुपये और 3,500 प्रतिमाह कर दिया।

राज्यसभा में शुक्रवार को कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने भारत-चीन सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति, देश में बेरोजगारी, सरकारी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर भारी हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बारह बजे तक स्थगित करनी पड़ी और शून्यकाल पूरा नहीं हो सका।

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