‘अग्निपथ’ का राजनीतिकरण नहीं करने संबंधी निर्देश देने में निर्वाचन आयोग गलत: चिदंबरम

नयी दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा उनकी पार्टी को ‘अग्निपथ’ योजना का राजनीतिकरण नहीं करने निर्देश देना पूरी तरह गलत है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीति की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है.

निर्वाचन आयोग ने बुधवार को सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें लोकसभा चुनाव में जाति, समुदाय, भाषा और धर्म के आधार पर प्रचार करने से बचने की नसीहत दी और कहा कि चुनावों में देश के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी सकती. आयोग ने कांग्रेस से सुरक्षा बलों का राजनीतिकरण नहीं करने और सशस्त्र बलों की सामाजिक आर्थिक संरचना के बारे में विभाजनकारी बयान नहीं देने को कहा. चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस पार्टी को ‘अग्निपथ’ योजना का ‘राजनीतिकरण’ न करने का निर्देश देकर गलत किया है.

उनका कहना था, ”राजनीतिकरण का क्या मतलब है? क्या आयोग का तात्पर्य ‘आलोचना करने’ से है? ‘अग्निवीर’ एक योजना है, सरकार की नीति का एक परिणाम है. सरकार की नीति की आलोचना करन एक विपक्षी राजनीतिक दल का अधिकार है.” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो यह योजना खत्म कर दी जाएगी. चिदंबरम ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना सैनिकों की दो श्रेणियां बनाती है, जो गलत है. उन्होंने कहा कि ‘अग्निवीर’ योजना में किसी युवक को चार साल के लिए नौकरी पर रखा जाता है और बिना पेंशन के बाहर निकाल दिया जाता है. चिदंबरम का कहना है कि यह व्यवस्था गलत है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button