
श्रीनगर/जम्मू. जम्मू कश्मीर के गगनगिर में इस साल 20 अक्टूबर को सुरंग निर्माण स्थल पर हुए हमले के कथित तौर पर सूत्रधार रहे लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को सुरक्षा बलों ने यहां दाचीगाम वन क्षेत्र में मंगलवार को मुठभेड़ में मारा गिराया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मार गिराये गए आतंकवादी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के जुनैद अहमद भट के रूप में हुई है. वह पिछले साल दक्षिण कश्मीर में प्रवासियों पर गोलीबारी सहित अन्य अपराधों में भी शामिल था.
गगनगिर में एक सुरंग निर्माण स्थल के पास 20 अक्टूबर को हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय चिकित्सक और छह अन्य लोगों की मौत हो गई थी. गगनगिर पर्यटन स्थल सोनमर्ग के नजदीक है. हमले के बाद भट को शीर्ष श्रेणी के आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने सोमवार रात दाचीगाम के ऊपरी इलाकों में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया.
शुरुआती गोलीबारी हुई, लेकिन सुरक्षा बलों ने छिपे हुए आतंकवादी को भागने नहीं देने के लिए सुबह तक इंतजार करने का फैसला किया. मंगलवार की सुबह स्थिति तब और बिगड़ गई, जब आतंकवादियों ने तलाश दल पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की. मुठभेड़ में भट को मार गिराया गया. कुलगाम जिले में कोइमोह का रहने वाला भट पिछले साल लापता हो गया था, खुफिया एजेंसियों ने उसके प्रतिबंधित आतंकवादी समूह से जुड़े होने की पुष्टि की थी.
कश्मीर जोन पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”ऑपरेशन दाचीगाम: अभियान में एक आतंकवादी मारा गया और उसकी पहचान जुनैद अहमद भट (लश्कर ए तैयबा) के रूप में हुई है. यह आतंकवादी गगनगिर में नागरिकों की हत्या और कई अन्य आतंकी हमलों में शामिल था.” सुरक्षा बल दाचीगाम के ऊपरी इलाकों में और तलाश अभियान चला रहे हैं, ताकि भट के साथ मौजूद किसी भी अन्य आतंकवादी का पता लगाया जा सके. श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान लगभग 141 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और पश्चिमी हिमालय के जबरवान रेंज में स्थित है.
आतंकवादियों की मददगार दो संदिग्ध महिलाएं उधमपुर में पीएसए के तहत हिरासत में
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में पुलिस ने लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत दो महिलाओं को हिरासत में लिया है, जिन पर ‘आतंकवादियों की मददगार’ होने का शक है. अधिकारियों के मुताबिक, ‘ओवरग्राउंड वर्कर’ (ओजीडब्ल्यू) की पहचान लौधरा गांव निवासी मरयम बेगम और राय चक की रहने वाली अरशद बेगम के रूप में हुई है. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस आकलन के बाद कि दोनों महिलाएं क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं उन्हें हिरासत में लिया गया.
उन्होंने कहा, “ये महिलाएं आतंकवादी समूहों को साजो सामान की सहायता प्रदान करने और आतंकवादी संगठनों के लिए मार्गदर्शक और मददगार के रूप में काम करने में संलिप्त हैं.” उन्होंने कहा कि उनकी निरंतर गतिविधियों से लोक सुरक्षा और शांति को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था. अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए, दोनों महिलाओं को पीएसए के तहत हिरासत में लेने का आदेश दिया गया.
पुलिस और सुरक्षा बलों ने पिछले एक पखवाड़े में जम्मू क्षेत्र के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े आतंकी नेटवर्क को निशाना बनाते हुए जम्मू क्षेत्र के जिलों में 73 स्थानों पर छापे मारे और तलाशी ली. इस दौरान आतंकवादियों के कई मददगारों को गिरफ्तार किया गया तथा अभियान के दौरान हथियार, नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज. जब्त किए गए.



