जेपीसी के पास भेजा गया FCRA संशोधन विधेयक, समिति में 21 सदस्य लोकसभा और 10 राज्यसभा के होंगे

नई दिल्ली: एफसीआरए संशोधन विधेयक को जेपीसी के पास भेजने की सहमति बन गई है। बिल को जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया, जो पारित हो गया। प्रस्तावित जेपीसी (जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी) में कुल 31 सदस्य होंगे, जिनमें से 21 सदस्य लोकसभा से और 10 सदस्य राज्यसभा से होंगे।

जेपीसी संसद के शीतकालीन सत्र तक देगी अपनी रिपोर्ट
प्रस्ताव में कहा गया कि विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 को सदनों की एक संयुक्त समिति को भेजा जाए, जिसमें लोकसभा के माननीय अध्यक्ष द्वारा मनोनीत इस सदन के 21 सदस्य और राज्यसभा के माननीय सभापति द्वारा मनोनीत 10 सदस्य होंगे। समिति को विधायी प्रावधानों की गहन जांच करने का काम सौंपा गया है और समिति को 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक संसद को अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
विपक्ष की मांग- बिल वापस ले सरकार
हालांकि, विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया। कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने कहा, ‘सरकार अल्पसंख्यकों और एनजीओ को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। हमारी मांग है कि सरकार इस बिल को वापस ले।’ विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘केसी वेणुगोपाल ने गलत बोला है। कई दिनों से कांग्रेस और अन्य दलों ने मांग की कि एफसीआरए संशोधन विधेयक को जेपीसी में भेजा जाए। जब इस महत्वपूर्ण बिल को जेपीसी में भेज रहे हैं तो विपक्ष को इस पर आपत्ति हो रही है।’
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने विपक्ष की मांग ठुकराई
रिजिजू ने कहा कि केसी वेणुगोपाल या अन्य सदस्य को इस बिल में आपत्तिजनक कुछ बिंदु लगते हैं तो जेपीसी में मत रख सकते हैं। इसमें उन्हें पर्याप्त समय मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘इस विधेयक से किसी भी अल्पसंख्यक वर्ग को टारगेट नहीं किया जा रहा है। पूरे देश को सुरक्षित रखने के लिए नियम बना रहे हैं।’

अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव ने भी एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘सरकार जो एफसीआरए ला रही है, इसके खिलाफ पूरा विपक्ष है। मंत्री (किरेन रिजिजू) ने बोला कि विधेयक अल्पसंख्यक वर्ग के खिलाफ नहीं है। मंत्री बताएं कि आज तक सरकार जो बिल लाई है, बिना अल्पसंख्यक वर्ग के खिलाफ वे कौन सा बिल लेकर आए?’

अखिलेश के आरोपों का रिजिजू ने क्या दिया जवाब?
इस पर जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा, ‘मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि इस विधेयक में एक भी प्रावधान ऐसा नहीं है, जो अल्पसंख्यक वर्ग के खिलाफ है।’ अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए रिजिजू ने कहा, ‘देश में झूठ फैलाया जा रहा है। किसी अल्पसंख्यक वर्ग को टारगेट करने का सवाल ही नहीं है। आप (विपक्ष) चाहते हैं कि विदेश का धन बिना कानून के ऐसे ही देश में लाकर खर्चा किया जाए, इसका कोई मतलब नहीं है।’

इसके बाद लोकसभा ने ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेजने का प्रस्ताव पास किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button