
तिरुवनंतपुरम. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा मनरेगा की जगह लाया गया नया कानून ‘जी राम जी’ में, “भगवान राम का नहीं बल्कि महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का संदर्भ है.” खेड़ा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जी राम जी योजना के लागू होने से कई करोड़ भारतीय अपनी एकमात्र आजीविका सहायता खोने के कगार पर हैं.
उन्होंने कहा, “इस योजना को बिना किसी परामर्श के पारित किया गया और रोजगार गारंटी का संवैधानिक प्रावधान हटा दिया गया. हर राज्य में कामकाजी वर्ग प्रभावित होगा और इससे केरल के सबसे अधिक प्रभावित होने का अनुमान है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो अक्सर खुद को ‘गेम-चेंजर’ बताते हैं, अब केवल ‘नेम-चेंजर’ (नाम बदलने वाले) बन गए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया, “वे उन सभी नामों को बदल रहे हैं जिनका जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी आदि से कोई संबंध है. वे नाथूराम गोडसे के अनुयायी हैं और गांधी का नाम हर जगह से मिटाना चाहते हैं.” खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति की 27 दिसंबर को बैठक होगी जिसमें नए कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने के बारे में निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा, “जब भी कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरी है, उसने देश की दिशा बदल दी है. हम उन्हें लोगों के अधिकार छीनने नहीं देंगे.”



