
तिरुवनंतपुरम. पूर्व पुलिस महानिदेशक (जेल) आर श्रीलेखा ने 2017 के अभिनेत्री हमला प्रकरण की जांच कर रहे जांचदल के पास अभिनेता दिलीप के विरूद्ध पर्याप्त सबूत नहीं होने का आरोप लगाकर सोमवार को एक विवाद खड़ा कर दिया. पुलिस महानिदेशक (जेल) के पद से सेवानिवृत हुईं श्रीलेखा ने अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से कई खुलासे किये हैं जिन्हें विपक्ष के नेता वी डी सतीशन समेत कई लोगों ने ‘स्तब्धकारी’ करार दिया है.
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से ‘सस्रेहम श्रीलेखा’ नामक अपने कार्यक्रम के 75वें एपिसोड में सेवानिवृत अधिकारी ने कहा कि वह उन कारणों को बता रही हैं जिनकी वजह से वह अभिनेता दिलीप को बेगुनाह समझती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी पल्सर सुनी और अभिनेता दिलीप की फोटो छेड़छाड़ कर तैयार की गई है. उन्होंने एक वीडियो में कहा, ‘‘एक पुलिस अधिकारी ने एक बार उनसे कहा था कि दिलीप और सुनी की फोटो छेड़छाड़ कर तैयार की गई है.’’ रविवार की रात को यह वीडियो श्रीलेखा के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया.
मीडिया पर ‘‘तथ्यों को छिपाने‘’ का आरोप लगाते हुए पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि मीडिया के दबाव के चलते जांच दल दिलीप को गिरफ्तार करने के लिए बाध्य हुआ. उन्होंने वीडियो में कहा, ‘‘ मैं मानती हूं कि दिलीप इस मामले में शामिल नहीं हैं. मैं यह यकीन नहीं करती कि इस मामले में उनकी तनिक भी भूमिका है. उनका परिवार….., उनकी दूसरी संतान ऐसी स्थिति में पैदा हुई और अब वह पांच साल की हो गयी है….. क्या आप समझते हैं कि उसे कोई शांति मिली. मुझे यह सब सोचकर बुरा लगता है. क्या यह सभी को नहीं पता चलना चाहिए कि मैंने क्या देखा और बतौर जेल पुलिस महानिदेशक मैं क्या जानती हूं ?’’
इस बीच सतीशन ने कहा कि खुलासे स्तब्ध करने वाले हैं . उन्होंने सरकार से इस बात की जांच करने की मांग की कि क्यों वरिष्ठ अधिकारी अपनी सेवानिवृति के बाद ऐसे बयान दे रही हैं ? इस बीच हमला पीड़ित की वकील टी बी मणि ने कहा कि पूर्व डीजीपी का वीडियो आरोपी को निर्दोषी करार देने की कोशिश है. मलयालम फिल्मोद्योग में कार्यरत महिलाओं के संगठन ‘‘वूमेन इन सिनेमा कलेक्टिव’’ (डब्ल्यूसीसी) ने पूर्व डीजीपी के खुलासे पर मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की मांग की.
तमिल, तेलुगू और मलयालम फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री को 17 फरवरी, 2017 की रात को कुछ लोगों ने कथित रूप से अगवा कर, उनकी कार में उनके साथ छेड़छाड़ की थी. इस पूरी घटना का आरोपियों ने फिल्मांकन कर लिया ताकि वे पीड़िता को ब्लैकमेल कर सकें. इस मामले में अभिनेता दिलीप सहित दस लोग आरोपी हैं. अन्य आरोपियों के साथ दिलीप को भी गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था. अदालत से जमानत मिलने के बाद दिलीप रिहा कर दिए गए थे.



