रूस के वेलिकी नोवगोरोद में चार भारतीय छात्र नदी में डूबे

रूस में नदी में डूबने से पहले अपने ही परिवार के साथ वीडियो कॉल पर था एक भारतीय छात्र

नयी दिल्ली/जलगांव. रूस के वेलिकी नोवगोरोद क्षेत्र के एक विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले चार भारतीय छात्र वोल्खोव नदी में डूब गए. यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को दी. विदेश मंत्रालय ने बताया कि एक भारतीय छात्रा को डूबने से बचा लिया गया और उसका अभी उपचार किया जा रहा है. इसने बताया कि दो छात्र लापता हैं और उनकी तलाश जारी है. स्थानीय आपातकालीन सेवाओं ने अब तक वोल्खोव नदी से दो शव बरामद किए हैं.

विदेश मंत्रालय ने कहा, “रूस के वेलिकी नोवगोरोद स्थित यारोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोद स्टेट यूनिर्विसटी में पढ़ रहे चार भारतीय छात्र वोल्खोव नदी में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में डूब गए.” महाराष्ट्र निवासी हर्षल अनंतराव देसाले, जीशान अशपाक पिंजरी, जिया फिरोज पिंजरी और मलिक गुलामगौस मोहम्मद याकूब वेलिकी नोवगोरोद शहर में यारोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोद स्टेट यूनिर्विसटी में पढ़ाई कर रहे थे. वहीं, निशा भूपेश सोनावणे नामक छात्रा को बचा लिया गया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि सेंट पीटर्सबर्ग में भारतीय वाणिज्य दूतावास विश्वविद्यालय और स्थानीय प्राधिकारियों के संपर्क में है तथा हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “स्थानीय आपातकालीन सेवाओं ने अब तक वोल्खोव नदी से दो शव बरामद किए हैं. हम मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.” इसने कहा कि शेष दो लापता छात्रों की तलाश जारी है. विदेश मंत्रालय ने कहा, “इस हादसे की चपेट में आए पांचों छात्र महाराष्ट्र के जलगांव जिले के निवासी थे. सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित हमारा वाणिज्य दूतावास मृतकों के शव देश लाने के लिए स्थानीय प्राधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है.” इसने कहा कि भारतीय वाणिज्य दूतावास महाराष्ट्र के जलगांव में परिवारों और जिला प्रशासन के साथ संपर्क में है.

सेंट पीटर्सबर्ग में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा कि वह वेलिकी नोवगोरोद के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि शव जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंचाए जा सकें.
इसने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”शोकसंतप्त परिवारों से संपर्क किया गया है और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है.” मंत्रालय ने कहा कि बचाई गई छात्रा को मनोवैज्ञानिक उपचार सहित उचित चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा रही है. इसने कहा, ”ये छात्र वेलिकी नोवगोरोद स्टेट यूनिर्विसटी में मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे थे. शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना.”

रूस में नदी में डूबने से पहले अपने ही परिवार के साथ वीडियो कॉल पर था एक भारतीय छात्र

पिंजरी परिवार गहरे सदमे में है जिसके दो बच्चे जीशान पिंजरी और जिया फिरोज पिंजरी रूस में वोल्खोव नदी में दो अन्य भारतीय छात्रों के साथ डूब गए. जीशान नदी में डूबने से पहले अपने माता-पिता से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था. दोनों भाई बहन जीशान और जिया रूस की यारोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोद स्टेट यूनिर्विसटी में मेडिकल की पढ़ायी कर रहे थे. दोनों अपने मित्रों हर्षल अनंतराव देसाले, मलिक गुलामगौस मोहम्मद याकूब और निशा भूपेश सोनावणे के साथ टहलने निकले थे.

हृदय विदारक घटना वीडियो में कैद हो गई क्योंकि घटना के समय जिशान अपने परिवार के साथ वीडियो कॉल पर था, परिवार ने दोनों को एक शक्तिशाली लहर में बहते हुए थे. हालांकि इससे पहले परिवार के सदस्य उन्हें पानी से बाहर निकलने के लिए कह रहे थे.
इस हादसे में निशा भूपेश सोनावणे नामक एक छात्रा जीवित बच गई और उसका इलाज किया जा रहा है. जीशान के परिवार के एक सदस्य ने स्थानीय मीडिया को बताया, ”जब वे वोल्खोव नदी में घुसे तो जीशान अपने परिजनों के साथ वीडियो कॉल पर था. उसके पिता और अन्य परिजन जीशान और अन्य छात्रों से बार-बार नदी से बाहर निकलने को कह रहे थे तभी एक जोरदार लहर आई और वे गहरे पानी में चले गए.” पिंजरी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है. जलगांव के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा कि शव भारत लाने के लिए बंदोबस्त किए जा रहे हैं.

जीशान और जिया भाई-बहन थे और महाराष्ट्र के जलगांव जिले में अमलनेर के रहने वाले थे. हर्षल देसाले इसी जिले के भदगांव का रहने वाला था. रूस में भारतीय दूतावास को दिए एक संदेश में विश्वविद्यालय ने घटना पर दुख जताया. छात्र पढ़ाई के बाद शाम को खाली समय में वोल्खोव नदी के किनारे टहल रहे थे. यह हादसा आकस्मिक और अप्रत्याशित था. सेंट पीटर्सबर्ग स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास ने पुष्टि की है कि 18-20 वर्ष की आयु के ये छात्र विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढ़ायी कर रहे थे.

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